जेएसवाई में पेंडेंसी ज्यादा होने पर घड़साना बीसीएमओ को चार्जशीट, एंबुलेंस निरीक्षण न करने पर जताई नाराजगी
जिले में अगले दिनों में झोलाछाप डाॅक्टर्स के खिलाफ कार्रवाई पर जाेर दिया जाएगा। शुक्रवार को हुई जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में इस पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में जिला कलेक्टर महावीर प्रसाद वर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के जिस अधिकारी या बीसीएमओ ने झोलाछाप डाॅक्टर्स के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो उसे चार्जशीट दी जाएगी। कलेक्टर ने जेएसवाई और राजश्री योजना में घड़साना ब्लॉक की पेंडेंसी ज्यादा होने पर बीसीएमओ डा. सुशील कुमार चोटिया को 17 सीसीए के तहत चार्जशीट देने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में जिला कलेक्टर ने कहा कि आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए, बल्कि राज्य सरकार की मंशानुरूप उन्हें बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए। कलेक्टर ने कहा कि कोरोना अभी समाप्त नहीं हुआ है, इसलिए मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार गंभीरता से काम करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ीकरण के लिए किसी भी स्तर पर कोई आवश्यकता हो तो उन्हें तत्काल अवगत करवाएं ताकि व्यवस्थाएं बेहतर की जा सकें।
इस दौरान कलेक्टर ने आरसीएच गतिविधियों में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने जेएसवाई व राजश्री योजना की समीक्षा करते हुए पेंडेंसी को खत्म करने के सख्त निर्देश दिए। जेएसवाई में जिला अस्पताल की 513 व घड़साना की 401 और राजश्री योजना में जिला अस्पताल की 299 व घड़साना की 270 पेंडेंसी होने पर उन्होंने नाराजगी जताई।
सभी बीसीएमओ से जवाब तलबी, निरीक्षण में जीरो क्यों
बैठक में कलेक्टर ने 108 व 104 एंबुलेंस व्यवस्था की समीक्षा करते हुए किसी भी बीसीएमओ की तरफ से इसका निरीक्षण नहीं करने पर नाराजगी जताई। सभी बीसीएमओ से बैठक में ही जवाब तलबी की गई कि उनकी ओर से एंबुलेंस के निरीक्षण की प्रगति रिपोर्ट में जीरो क्यों है। निर्देश दिए कि आगामी दिनों में स्वयं लगातार निरीक्षण क एंबुलेंस के हालात सुधारें। टीबी गतिविधियों में सही कार्य नहीं करने पर सूरतगढ़ के एक कर्मचारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। सीएमएचओ डाॅ. मेहरड़ा को निर्देश दिए कि कोई भी बीसीएमओ यदि काम में लापरवाही बरते या आदेशों की पालना नहीं करें तो तत्काल चार्जशीट दें।
बीसीएमओ नहीं हो ताे क्या हुआ, डॉक्टर तो हो ना : बैठक के अंतिम समय कलेक्टर ने कहा कि अब अगले दिनों में कोविड... कोविड... और कोविड पर ज्यादा गंभीरता से काम होना चाहिए। बैठक में मौजूद एक अधिकारी से पूछा कि मिस्टर आप बताइए कि आपने क्या किया? अधिकारी ने जवाब दिया कि सर मैं बीसीएमओ नहीं हूं, स्टोर का इंचार्ज हूं। इस पर कलेक्टर ने कहा कि तो क्या हुआ, डॉक्टर हो ना। कल को तो हम भी कह देंगे कोविड से हमारा क्या लेना देना। आपको व्यक्तिगत तौर पर कोरोना की रोकथाम के लिए प्रयास करने चाहिए। कलेक्टर के अनुसार होम आइसोलेटेड कोरोना मरीजों से फाेन पर बातचीत कर फीडबैक लिया जाना चाहिए। बैठक में जिला परिषद की सीईओ टीना डाबी, सीएमएचओ डाॅ. गिरधारी मेहरड़ा, पीएमओ डाॅ. केएस कामरा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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