झीगर छोटी के किसान झाबरमल की देसी गाजर की तकनीक अपना रहे दूसरे राज्य

झीगर छोटी के किसान झाबरमल द्वारा अपनाई गई गाजर के बीज की सिलेक्शन विधि देशभर के किसानों को रास आ रही है। कई राज्यों के किसानों ने बीज खरीद कर गाजर की खेती शुरू कर दी है। किसान झाबरमल द्वारा करीब 15 साल से सिलेक्शन विधि से बीज तैयार कर देसी गाजर की खेती की जा रही है।

बीज सिलेक्शन विधि से 4 फीट की गाजर तैयार करने पर झाबरमल को कृषि विभाग के द्वारा प्रगतिशील किसान सम्मान तथा राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी में राष्ट्रपति अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। अच्छी गुणवत्ता का बीज तैयार होने पर झाबरमल ने गाजर के बीज की सिलेक्शन विधि की बारीकी दूसरे किसानों को भी बताई है।

इस विधि से तैयार किया हुआ गाजर का बीज राजस्थान सहित पंजाब, हरियाणा, यूपी, दिल्ली, असम, हिमाचल, गुजरात, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों के किसानों ने खरीद कर बुआई किया। कृषि उपनिदेशक शिवजी राम कटारिया झाबरमल के द्वारा तैयार की गई गाजर के बीज की सिलेक्शन विधि किसानों के लिए कारगर साबित हो रही है।

गुजरात के अर्जुन भाई, दिल्ली के रमेश चंद्र व जोबनेर के घनश्याम राम का कहना है कि झाबरमल द्वारा तैयार किए बीज से पैदावार औसत से 40% तक ज्यादा मिल रही है। इस साल भी अपने स्तर पर ही सिलेक्शन विधि अपनाकर गाजर का बीज तैयार करेंगे।
खास विधि से तैयार किया जाता है बुआई के लिए बीज
सिलेक्शन विधि में बोई हुई फसल से अच्छी गुणवत्ता वाले गाजर के कंद की छंटनी कर बीज के लिए बुआई कर दी जाती है। बीज तैयार होने पर उसी को अगले साल बुआई कर दिया जाता है। यह तरीका लगातार 3 से 4 साल तक उपयोग में लिया जाता है। इसके बाद फसल की पैदावार एकरूपता में आने लगती है।

किसान झाबरमल का कहना है की वह इस विधि से तैयार किए हुए बीज से 4 फीट तक की गाजर की पैदावार लेने में कामयाब हो चुका है। प्रमाणीकरण के लिए बीज को 3 साल पहले राष्ट्रीय बीज प्रमाणीकरण संस्था नई दिल्ली को भी भिजवाया गया था। संभावना जताई जा रही है कि 1 साल में जिगर की देसी गाजर का बीज प्रमाणित हो जाएगा।





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