छात्रावास, स्कूल और मां बाड़ी केंद्रों पर बनेंगी सुपोषण वाटिकाएं, पंचफल उद्यान, पौष्टिक आहार की जरूरत पूरी होगी

जनजातीय क्षेत्रीय विकास विभाग की ओर से संचालित आवासीय विद्यालयों, आश्रम छात्रावासों, खेल छात्रावासों और मां बाड़ी केंद्रों में रह रहे बालक बालिकाओं को पौष्टिक आहार की जरूरतों को पूरा करने के लिए इन संस्थाओं मंे सुपोषण वाटिकाएं और पंचफल उद्यापन बनाए जाएंगे। टीएडी मंत्री अर्जुनसिंह बामनिया ने इसके लिए 1.82 करोड़ की स्वीकृति जारी की है। टीएडी के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश्वरसिंह ने बताया कि इन

सुपोषण वाटिकाओं और पंचफल उद्यान से स्कूलों और छात्रावासों में सालभर फल और सब्जियां उपलब्ध रहेंगी। किचन और भोजन का वेस्ट का उपयोग भी कंपोस्ट पिट में कर सकेंगे ताकि जैविक खाद बना सके। इससे उत्पादित सब्जियां और फल रसायनरहित पौष्टिक होंगे।

उद्यान में फल और वाटिका में सब्जियां उगाएंगे : पंचफल उद्यान में पपीता, सीताफल, अमरूद, सहजन, चीकू, आम, नींबू और सुपोषण वाटिका में बैंगन, टमाटर, मिर्च, भिंडी, फूलगोभी, पत्तागोभी, गाजर, मूली, लौकी, तुरई, मटर, सेमफली, कद्दू, पालक, धनिया और मैथी उगाई जाएंगी।

स्कूलाें में वाटिका और उद्यान बनेंगे : सिंह ने बताया कि 36 स्कूलों में से प्रत्येक में सुपोषण वाटिका और पंचफल उद्यान 5 हजार वर्ग मीटर भूमि पर 37 लाख और 398 छात्रावासों में प्रत्येक में 500 वर्गमीटर भूमि पर 131 लाख खर्च होंगे। चारदीवारी युक्त 350 मां बाड़ी केंद्रों मंे 50 वर्गमीटर भूमि में वाटिका व उद्यान जिस पर 14 लाख खर्च होंंगे।



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