अब जनता तय करेगी, शहर धूल और कचरा मुक्त है या नहीं

स्वच्छ भारत मिशन में पहली बार राज्यों और शहरों को मेडल मिलेंगे। सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले को प्लेटिनम मेडल मिलेगा। स्वच्छ भारत मिशन-2021 की नई गाइडलाइन में सर्वे से जनता को और अधिक जोड़ने के लिए डायरेक्ट ऑब्जर्वेशन को पूरी तरह पब्लिक फीडबैक से जोड़ दिया है। यानी सर्वे के लिए आने वाली टीमें आम लोगों से चर्चा करके उनके फीडबैक के आधार पर ही तय करेंगी कि शहर धूल मुक्त, कचरा मुक्त और डस्टबिन मुक्त है या नहीं? शहर में कचरे का 100 प्रतिशत डोर टू डोर कचरा कलेक्शन और सोर्स पर सेग्रीगेशन होता है या नहीं? स्वच्छ भारत मिशन 2021 की गाइडलाइन जारी हो गई है। शहरी

विकास मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार इस बार सर्वे में स्वच्छता के प्रति इंटिग्रेटेड एप्रोच पर जोर दिया है। स्वच्छ भारत मिशन में राज्यों की भी रैंकिंग होगी।इस बार शहरों को नंबर के साथ मैडल भी दिए जाएंगे। इसके लिए 6 पैरामीटर तय किए हैं। इनमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर प्लेटिनम (दिव्य) अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। खास बात यह है कि प्लेटिनम अवार्ड के लिए केवल वही शहर क्वालिफाई हो सकते हैं जिनके पास 2020 का वाटर प्लस अवार्ड हो। लेकिन इस बार किसी भी शहर को वाटर प्लस नहीं मिला है। यानी कोई भी शहर इसे क्वालिफाई नहीं कर पाएगा।



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