शारदीय नवरात्रि में माता के दरबार में अंतिम दिन भक्तों ने अपनी मनोकामना कर देश में खुशहाली, सुख-समृद्धि के लिए वातावरण में गूंजे वैदिक मंत्र के साथ भक्तों ने हवन में आहुति दी। ऐसे में चैत्र नवरात्रि में देवी के मंदिरों में जलने वाली मनोकामना की ज्योत लॉक डाउन लगने की वजह से नहीं जल पाई थी, इससे घर मे ही पूजा अर्चना की गई।
ऐसे में शारदीय नवरात्रि में कोरोना संक्रमण की एडवाइजरी का पालन करते हुए शक्ति की आराधना का पर्व मंदिरों में कम संख्या में भक्तो द्वारा विधि-विधान से नवरात्रि स्थापना कर पर्व मनाया गया। इस अवसर पर मंदिरों में आकर्षक रोशनी व सुगंधित पुष्पों से सजावट की गई।
इस दौरान देवी मंदिरों में नवरात्रि के अवसर पर गिड़ा तहसील के हीरा की ढाणी स्थित ज्वाला जगदम्बा मंदिर में पंडित मुकेश गौड़ द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण कर हवन कुंड में अग्नि प्रज्वलित करने के पश्चात इस पवित्र अग्नि में फल, शहद, घी, काष्ठ इत्यादि सामग्री की आहुति से विधिवत पूजा अर्चना कर हवन किया। वहीं हीरा की ढाणी स्थित बालाजी मंदिर में रात्रि को जागरण आयोजन कर सुबह 21 किलो का रोट की प्रसादी चढ़ाई गई।
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