रेलवे परीक्षा पास करने और काउंसलिंग के 7 माह बाद भी बेरोजगार हैं प्रदेश के 67 इंजीनियर, 98 पदों पर हुई भर्ती में मात्र 31 को ही नियुक्ति मिली
रेलवे में जूनियर इंजीनियर पदों के लिए परीक्षा पास करने और काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी करने के बाद अंतिम रूप से चयनित प्रदेश के 67 इंजीनियरों को सात माह बाद भी नियुक्ति नहीं मिलने का मामला प्रकाश में आया है। 98 पदों पर हुई भर्ती में से मात्र 31 ही अभ्यर्थियों को इस पद पर नियुक्ति मिली है। शेष अभ्यर्थी रेलवे के विभिन्न दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं।
रेलवे में इस भर्ती के माध्यम से वर्क्स, वर्कशाॅप, सिग्नल एंड टेलीकम्यूनिकेशन (एसएंडटी), कैरिज एंड वैगन (सीएंड डब्ल्यू), परमानेंट अवेय (पीडब्ल्यूएवाई), ट्रेक्शन डिस्ट्रीब्यूशन (टीआरडी) विभिन्न विभागों में जूनियर इंजीनियर के रिक्त पदों को भरा जाना था। चयनित अभ्यर्थियों को उनके द्वारा भरी गई अपनी पसंद के विभागों की क्रम वरीयता में से ही मेरिट इंडेक्स कटऑफ के अनुसार कोई विभाग आवंटित किया गया।
वरीयता में उच्च क्रम टी आरडी देने का नुकसान
अभ्यर्थियों का कहना है कि जू. इंजीनियर के आधिकारिक नोटिफिकेशन में टीआरडी विभाग में 98 जूनियर इंजीनियर पदों पर भर्ती की गई थी, लेकिन जब नियुक्ति का समय आया तो रेलवे की तरफ से आरटीआई में केवल 21 रिक्तियों का ही होना बताया। कुछ संभावित रिक्तियों को जोड़कर कार्मिक विभाग द्वारा कुल 31 अभ्यार्थियों का मंडल आवंटन कर नियुक्ति प्रदान कर दी गई। टीआरडी के शेष 67 अभ्यार्थियों का अभी सात माह बाद तक भी मंडल आवंटन नहीं किया गया है।
आरटीआई में हुआ खुलासा
अभ्यर्थियों ने जब आरटीआई के तहत जानकारी मांगी, तब खुलासा हुआ कि सितंबर अंत तक 7 महीनों में एनडब्ल्यूआर के किसी भी मंडल में कोई रिक्ति नहीं बनी। न ही उन्हें किसी अन्य जोन में भेजने से संबंधित कार्यवाही की गई। नोटिफिकेशन निकालते समय रिक्तियां बनाने के लिए दिसंबर 2020 तक की सीमा तय थी, जबकि आरटीआई से ज्ञात हुआ कि 2023 तक भी टी आरडी में सीधी भर्ती के रिक्त पद होने की संभावना नहीं है।
यह आरोप है अभ्यर्थियों का
अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर टी आरडी में रिक्त पद नहीं थे तो रेलवे को समय रहते ही शुद्धि पत्र निकालकर टी आरडी के पदों की संख्या कम करनी चाहिए थी। इससे इस ट्रेड के शेष अभ्यर्थियों को उनकी अगली वरीयता में विभाग आवंटन हो जाता। अब रेलवे की लापरवाही का खामियाजा अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ रहा है।
यूं चली थी भर्ती प्रक्रिया
अभ्यर्थियों का कहना है कि रेलवे भर्ती बोर्ड अजमेर ने जूनियर इंजीनियर के पदों पर भर्ती के लिए दिसंबर 2018 में नोटिफिकेशन जारी किया था। आरआरबी ने जून 2019 में सीबी टी यानी कंप्यूटर बेस्ट टेस्ट-1 लिया और सीबीटी-2 अगस्त 2019 आयोजित करने के बाद 1.5 गुना चयनित अभ्यर्थियों का मेडिकल सत्यापन कर अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों की सूची 22 जनवरी 2020 को आरआरबी अजमेर की साइट पर जारी कर दी।
रेलवे ने जूनियर इंजीनियर पदों के लिए जितने अभ्यर्थी मांगे थे, उनका चयन कर रेलवे को सूची भेजी जा चुकी है। इन अभ्यर्थियों को मंडल आवंटन देने का कार्य रेलवे के स्तर पर होना है।
-केआर चौधरी, चेयरमैन, आरआरबी अजमेर
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