बैंक से लोन लेकर दो परिचितों को प्रोपर्टी में लगाने के लिए उधार दिए थे 55 लाख रु

नादौती के गांव बलदेवपुरा निवासी एवं हिंडौन के राजकीय अस्पताल के चिकित्सक डॉ. महेश मीना की संदिग्ध मौत की गुत्थी सुलझ नहीं पाई है। आखिर यह आत्महत्या है या फिर हत्या। एक दिन पूर्व गुरुवार को डॉ. महेश मीना का शव कार में मिला था। परिजनों का आरोप है कि डॉ. महेश मीना ने बैंक से करीब 55 लाख का लोन लेकर परिचित जयपुर के एक डॉक्टर व एक अन्य को प्रोपर्टी में लगाने के लिए यह रकम उधार दी थी। इन लोगों की ओर से रकम वापस नहीं करने पर आए दिन डॉ. महेश मीना का झगड़ा होता था। ज्यादा तकादा करने पर इन दोनों लोगों ने ही षड्यंत्रपूर्वक डॉ. महेश मीना की हत्या कर दी।

दूसरी ओर चर्चा है कि बैंक से लिए लोन की किश्त नहीं चुकाने को लेकर डॉ. महेश मीना तनाव में रहते थे और हो सकता है कि इसी वजह से उन्होंने आत्महत्या कर ली हो। कार के पास ही ऑपरेशन से पहले मरीजों को निश्चेतन करने वाले इंजेक्शन भी मिले थे। ऐसे में माना जा रहा है कि निश्चेतन करने वाले इंजेक्शन के ओवरडोज से ही मौत हो गई हो। नादौती थाना प्रभारी रामखिलाड़ी मीना ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। एफएसएल टीम की ओर से जुटाए साक्ष्य की रिपोर्ट आने पर ही कुछ पता चल सकेगा।

वर्ष 2018 में हिंडौन में हुई थी पोस्टिंग

नादौती के बलदेवपुरा के डॉ. महेश मीना की संदिग्ध मौत से हिंडौन में भी हर कोई हतप्रभ है। गुरुवार को डॉ. महेश मीना का दलपुरा व धडंगा मार्ग पर कार में शव मिला था। पीएमओ डॉ. नमोनारायण मीना ने बताया कि डॉ. महेश मीणा की मौत से डॉक्टरों में शोक है। हिंडौन से काफी डॉक्टर व चिकित्साकर्मी उनके पैतृक गांव पहुंचे ओर परिजनों को ढाढ़स बंधाया। डॉ. महेश मीना (एनेस्थिसिया) ने जयपुर से पीजी किया था और पहली पोस्टिंग हिंडौन के सरकारी अस्पताल में 2018 को हुई थी। डॉ. महेश मीना के दो पुत्रियां हैं। एक उम्र पांच वर्ष तथा दूसरी की डेढ़ वर्ष हैं। पति की मौत के बाद से ही डूडापुरा निवासी पत्नी रवीना देवी सदमे में हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


टिप्पणियाँ