पुजारी की मौत के 46 घंटे बाद मुआवजे का मरहम, इंसाफ के लिए कितना इंतजार, वारदात के चार दिन बाद भी 7 आरोपी फरार

करौली जिले के सपोटरा इलाके में जमीन विवाद में जिंदा जलाए गए पुजारी की मौत के 46 घंटे बाद आखिरकार परिजन अंतिम संस्कार को राजी हो गए। शुक्रवार शाम काे जयपुर से गांव लाए गए शव का अंतिम संस्कार करने से परिजनाें ने मना कर दिया था। वे 50 लाख रुपए का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग कर रहे थे।

राज्य सरकार के 10 लाख रु. का मुआवजा और एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने के आश्वासन के बाद परिवार राजी हो गया। हमले को आत्मदाह बताने वाले सीआई को लाइन हाजिर कर दिया गया है, जबकि पटवारी का तबादला किया गया है। घटना के 72 घंटे बाद भी अब तक 8 में से एक ही आरोपी को गिरफ्तार किया जा सका है।

मुआवजे के इस मरहम के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि इंसाफ में कितना वक्त लगेगा। बुधवार को पुजारी बाबूलाल वैष्णव (50) को मंदिर माफी की जमीन कब्जाने के लिए गांव के ही कैलाश मीणा ने 7 और दंबंगों के साथ मिलकर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था। गुरुवार को उनकी मौत हो गई थी।गंभीर रूप से झुलसे पुजारी को जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां गुरुवार देर रात उनकी मौत हो गई थी।

इधर, सियासत तेज, दिनभर धरने पर बैठे रहे किरोड़ी
पुजारी पर हमले के बाद जयपुर से दिल्ली तक सियासत भी गर्मा गई। शुक्रवार देर रात शव को गांव ले जाया गया ताे जांच अधिकारी पर कार्रवाई और मुआवजे जैसी 4 सूत्रीय मांगों को लेकर परिजनों ने अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया था। भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा भी परिजनों के साथ धरने पर बैठ गए। विपक्ष चौतरफा हमलावर हो गया था। बाद में परिवार को पीएम आवास पर पट्टा जारी करने, सुरक्षा के लिए पुलिस जवानों की तैनाती करने पर भी सहमति बनी।

पंचों ने पुजारी का समर्थन किया था, पटवारी ने अफसरों को नहीं बताया
जिस जमीन को लेकर पुजारी पर हमला हुआ वह राजस्व रिकॉर्ड में मंदिर माफी में दर्ज है। जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की शिकायत पुजारी ने पंच-पटेलों से शिकायत की थी। इसके बाद गांव के 100 घरों की बैठक हुई थी, जिसमे पंचों ने पुजारी का समर्थन किया, लेकिन पटवारी बनवारीलाल ने राजस्व अधिकारियों को सूचना नहीं दी। उपखंड प्रशासन को भी गुमराह किया
सीआई ने पर्चा बयान लेने में देर की
सीआई हरजीलाल ने न्यूज चैनल को दिए बयान में हमले को आत्मदाह की कोशिश बताया था। यही नहीं पर्चा बयान लेने में भी देरी की। घटना बुधवार की है लेकिन 7 आरोपी फरार हैं।



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सपोटरा में धरने पर राज्यसभा सांसद किरोड़ी मीणा, सांसद राजोरिया के साथ ग्रामीण।


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