पनवाड़ में पुलिस पर पथराव किया, 40 के खिलाफ मुकदमा दर्ज

हरिगढ़ के बर्डग्वालिया जीएसएस पर गुरुवार को फ्यूज बांधते समय करंट लगने से संविदाकर्मी की मौत के बाद मामले की जांच के लिए शुक्रवार को चार सदस्यीय टीम जीएसएस पर पहुंची। यहां टीम ने मौका मुआयना किया। मौके पर मौजूद लाइसमैन के बयान लिए। जिस खंभे पर युवक को करंट लगा, उसको भी देखा व सुरक्षा उपकरणों को लेकर भी चर्चा की।

शुक्रवार को जांच पूरी नहीं हो सकी है। जयपुर डिस्काॅम के बर्डग्वालिया जीएसएस पर दोपहर सवा 12 बजे बिजली विभाग के क्राइम ब्रांच के आरके गुप्ता, कार्मिक अधिकारी हिमांशु शेखावत, मीटर रिंग अधिकारी पीटी वर्मा मौका मुआयना करने पहुंचे। मौके पर मिले संविदाकर्मी मनीष नागर व सोनू सुमन से जीएसएस के बारे में जानकारी ली। जब टीम संविदाकर्मियों के बयान ले रही थी, तभी उन्होंने जांच टीम को बताया कि मृतक शिवराज भील ने ब्रेकर तो बंद कर दिया था, लेकिन मेन लाइन नही काटी और फ्यूज जोड़ने चढ़ गया।

2 दिन से बंद थी 11 गांवों की बिजली, जांच टीम के पहुंचने के बाद हुई बहाल: बर्डग्वालिया जीएसएस से जुड़े बामखेड़ी, फदानियां, सिनणी, बर्डग्वालिया, कालबेलिया टापरिया, नया गांव, हरिगढ़, बोरदा, हिचर, राजपुरा सहित 11 गांवों की बिजली दो दिन से बंद थी। जैसे ही जांच टीम जीएसएस पर पहुंची, 11 गांवों के लोग जीएसएस पर आ गए और बिजली बहाल करने की मांग की।

इस पर जांच टीम में आए अधिकारियों ने लाइनमैनों को निर्देश देकर बिजली बहाल करवाई। ग्रामीणों ने बताया कि जीएसएस पर गुरुवार को हुए हादसे के पहले से उनकी गांव की बिजली बंद थी। गुरुवार को हादसा हो गया, इसके बाद किसी ने बिजली बहाल करने की सुध ही नहीं ली। बिजली के अभाव में गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है। पेयजल की मोटरें नहीं चल पाने से पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। आटा चक्कियां, लघु उघोग व किसानों के खेतों में मोटरें नहीं चल पा रही थी।



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