इस बार नवरात्र की दाे प्रमुख तिथियाें अष्टमी और नवमी काे लेकर असमंजस है। वहीं विजयदशमी की तारीख काे लेकर भी भ्रम की स्थिति है। इसकाे लेकर दैनिक भास्कर ने ज्याेतिषाचार्याें से बातचीत की ताे सामने आया कि इस बार नवरात्र की अष्टमी शुक्रवार सुबह 6.57 बजे से शनिवार सुबह 6.58 बजे तक रहेगी।
इसके बाद नवमी शुरू हाे जाएगी जाे रविवार सुबह 7.42 बजे तक रहेगी। इसके बाद विजयदशमी साेमवार सुबह 9.01 बजे तक रहेगी। यानी इस बार नवमी और दशहरा एक ही दिन 25 अक्टूबर काे पड़ेगा। वहीं दशहरे की सरकारी छुट्टी भी रविवार काे ही रहेगी।
ज्याेतिषाचार्य अमित जैन के अनुसार दशहरा का मुहूर्त 25 अक्टूबर, रविवार को पड़ेगा क्याेंकि दशहरा अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि काे अपरान्ह काल में मनाया जाता है। 26 अक्टूबर काे सुबह तक ही दशमी है, इसलिए रविवार काे ही दशहरा और नवमी एक साथ मनाई जाएगी। शहर में रावण दहन भी इसी दिन हाेगा। वहीं शुक्रवार काे दिनभर अष्टमी का मुहूर्त रहा, इसलिए बहुत से लाेगाें ने इसी दिन व्रत रख लिया। हालांकि आज भी अष्टमी का मुहूर्त रहेगा। इसलिए व्रत रखने में काेई दिक्कत नहीं है।
नवमी और दशहरा एक दिन होने से खरीदारी का अबूझ मुहूर्त
विजयदशमी के अवसर पर इस बार खरीदारी का शुभ मुहूर्त रहेगा। ज्याेतिष के अनुसार स्वयं सिद्ध अबूझ महुर्त और रवि योग पूरे दिन रहेगा। इस दिन मंत्रों, यंत्रों, पूजा, जाप और अनुष्ठान शुभकारी होंगे। गृह प्रवेश, भूमि पूजन या व्यापार भी शुरू कर सकते हैं। आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक, ऑटोमोबाइल, जमीन, मकान, कपड़े और अन्य खरीदारी करने से सुख-समृद्धि बढ़ती है। इसके अलावा जमीन, मकान में निवेश करना चाहते हैं तो यह दिन फायदेमंद साबित हो सकता है।
खरीदारी का शुभ महुर्त: ज्याेतिषाचार्याे के अनुसार सुबह 8 से 9:23 बजे तक चर के चौघड़िया में प्रॉपर्टी, वाहन व ऑनलाइन खरीद आदि करें। 9:23 बजे से दोपहर 12:11 बजे तक लाभ अमृत के चौघड़िया में भूमि, वाहन, मोबाईल, घरेलू, इलेक्ट्रॉनिक सामान, ऑनलाइन शॉपिंग बेहतर होगा। दोपहर 1:35 बजे से 2:58बजे तक शुभ के चौघड़िया में लेनदेन, इलेक्ट्रॉनिक सामान, वाहन, आभूषण कम्प्यूटर खरीदना श्रेष्ठ होगा। शाम 6:28 बजे से रात 10 बजे तक इलेक्ट्रॉनिक, घरेलू सामान, वाहन, मोबाइल खरीद कर सकते हैं।
अष्टमी-नवमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व
नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि पर घरों और मंदिरों में कन्या पूजन किया जाता है। नवरात्रि में अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन करने का विशेष महत्व माना गया है। नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथियों पर मां महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। इन तिथियों पर कन्याओं को घरों में बुलाकर भोजन कराया जाता है। नवरात्रि में 9 कन्याओं को भोजन करवाना चाहिए क्योंकि इन्हें देवी दुर्गा के 9 स्वरूपों का प्रतीक माना जाता है।
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