कोटा के वैभव की तीसरी रैंक, कनिष्का बनी गर्ल्स टॉपर; आईआईटी में 2449 सीटें बढ़ने से पहली बार कटऑफ में 50% की गिरावट
आईआईटी दिल्ली की ओर से 27 सितंबर को हुई जेईई एडवांस्ड-2020 के रिजल्ट साेमवार काे जारी हाे गए हैं। इस परीक्षा में पुणे के चिराग फलाेर ने ऑल इंडिया टाॅप किया है। चिराग आकाश इंस्टीट्यूट के छात्र हैं। वहीं गंगुला भुवन रेड्डी की दूसरी रैंक रही। काेटा के वैभव राज तीसरी और आर मुहेंद्र राज चाैथी रैंक पर रहे। वहीं कनिष्का मित्त्तल गर्ल्स कैटेगरी में ऑल इंडिया टाॅपर रहीं। वैभव, कनिष्का और मुहेंद्र एलन काेचिंग के स्टूडेंट्स हैं। काेटा के करीब 49 स्टूडेंट्स ने टाॅप-100 में अपनी जगह बनाई है।
आईआईटी दिल्ली की ओर से जारी की गई जानकारी के अनुसार कुल 152449 स्टूडेंट्स ने एडवांस्ड दिया था। इसमें से 43204 स्टूडेंट्स ने एग्जाम क्वालीफाई किया। इसमें 36497 छात्र और 6707 छात्राएं शामिल हैं। इस बार कटऑफ में 50 प्रतिशत की गिरावट आई है। एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि सामान्य श्रेणी के स्टूडेंट्स के लिए विषयवार कट-ऑफ 10 प्रतिशत तथा एग्रीगेट कट-ऑफ 35 प्रतिशत जारी की गई थी।
परीक्षा परिणामों के अनुसार विषयवार कटऑफ को 10 से घटाकर 5 प्रतिशत तथा एग्रीगेट कटऑफ को 35 से घटाकर 17.5 प्रतिशत कर दिया गया। अन्य सभी कैटेगरी की कटऑफ में भी गिरावट की गई है।
आज से शुरू हाेगी काउंसलिंग : एडवांस्ड रिजल्ट के बाद अब देश की 23 आईआईटी कटऑफ जारी करेंगी। 6 अक्टूबर से स्टूडेंट्स कांउसलिंग में भाग ले सकेंगे। वहीं, साेमवार सुबह सर्वर डाउन हाेने से रिजल्ट पाैने 1 घंटे देरी से अपलाेड हुआ। इस बार काउंसलिंग 7 की जगह 6 राउंड में होगी।
एनालिसिस : एडवांस्ड सिस्टम लागू होने के बाद कटऑफ में सबसे बड़ी गिरावट
इस साल रिजल्ट पर काेराेना का असर भी दिख रहा है। इस बार जारी किए गए रिजल्ट कटऑफ में 50 प्रतिशत की कटाैती के साथ जारी हुअा। ये संभवत: आज तक की सबसे बड़ी गिरावट है। दरअसल हर साल जेईई मेन के स्काेर के आधार पर लगभग 2.25 लाख स्टूडेंट्स एडवांस्ड के लिए क्वालीफाई हाेते हैं। औसतन आईआईटी की सीटाें की संख्या के तीन गुना स्टूडेंट्स काे काउंसलिंग काॅल आती है।
इस वजह से कटऑफ गिरानी पड़ती है, लेकिन ये कटाैती औसतन 25 से 30 प्रतिशत के बीच रहती है। इस बार 23 आईआईटी में लगभग 13 हजार सीटें हैं। वहीं काेविड के कारण एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स की संख्या 152449 ही रह गई। इस वजह से कटऑफ में इतनी भारी गिरावट हुई। पिछले साल कटऑफ में लगभग 25 प्रतिशत की गिरावट हुई थी। इस बार एडवांस्ड का एग्जाम कुल 396 अंकाें का हुआ था।
पिछले साल के मुकाबले 25 प्रतिशत बढ़ी बेटियाें की संख्या
इस बार एडवांस्ड क्वालीफाई करने वाली बेटियाें की संख्या लगभग 25 प्रतिशत बढ़ गई है। पिछले साल 5356 छात्राओं में एडवांस्ड एग्जाम क्लीयर किया था। इस बार 6707 लड़कियां क्वालीफाई हुई हैं। वहीं क्वालीफाई हाेने वाले छात्राें की संख्या भी बढ़ी है। पिछले साल 33349, जबकि इस बार 36497 छात्राें ने ये परीक्षा क्लीयर की है। छात्राओं का ओवरऑल रिजल्ट 20.41 प्रतिशत, जबकि छात्राें का 30.93 प्रतिशत रहा।
गर्ल्स और बाॅयज टाॅपर में 37 अंकाें का अंतर : ऑल इंडिया टाॅपर चिराग फलाेर ने 396 में से 352 अंक यानी 88.88 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। वहीं गर्ल्स टाॅपर कनिष्का मित्तल काे 315 अंक मिले हैं। चिराग आईआईटी बाॅम्बे, जबकि कनिष्का आईआईटी रुड़की जाेन की हैं। चिराग की जेईई मेन में में 12वीं रैंक है। उनका एडमिशन प्रतिष्ठित संस्थान एमआईटी में भी हाे चुका है।

पहली बार जारी किया पॉजिटिव स्कोर, स्काेर टाई होने पर इसी से तय हुई रैंक
एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि आईआईटी दिल्ली द्वारा जारी किए जेईई-एडवांस्ड के रिजल्ट में पहली बार पॉजिटिव स्कोर भी जारी किया गया। जारी किए गए पॉजिटिव स्कोर का उपयोग दो स्टूडेंट्स के टोटल स्कोर में समानता होने पर रैंक निकालने के लिए टाई की स्थिति में किया जाता है। यदि दो स्टूडेंट्स के टोटल स्कोर समान होते हैं तो ज्यादा पॉजिटिव स्कोर वाले को रैंक में प्राथमिकता दी जाती है।
टाॅपर्स इंटरव्यू
केमिस्ट्री से घबराते थे वैभव, अब इसी वजह से मिली रैंक
एडवांस्ड में रैंक 3 हासिल करने वाले वैभवराज मूलत: बिहार के बेगूसराय के हैं। उन्हाेंने काेटा में रहकर एडवांस्ड की तैयारी की। वैभव इससे पर आईजेएसओ में गाेल्ड मेडल हासिल कर चुके हैं। उनके 10वीं में 98 और 12वीं में 99 प्रतिशत अंक हैं। उनके पिता सुनील कुमार राॅय रक्षा मंत्रालय में सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर हैं, जबकि मां सुधा राॅय हाउस वाइफ हैं। वैभव के बड़े भाई विशाल भी आईआईटी खड़गपुर में पढ़ रहे हैं। वैभव ने बताया कि कोटा आने से पहले मुझे केमिस्ट्री से डर लगता था, अब मेरा फेवरेट सब्जेक्ट है।
एमआईटी में दाखिला लेना चाहते हैं आर. मुहिंदर राज
दो साल से काेटा में रहकर तैयारी कर रहे बैंगलुरु के आर. मुहिन्दर राज ने एडवांस्ड में रैंक 4 हासिल की है। उन्होंने बताया कि कोटा आने के बाद मेरा आत्मविश्वास काफी मजबूत हुआ। लॉकडाउन का पूरा समय रिवीजन में लगाया,। वे आईसीएचओ में सिल्वर मेडल एवं केवीपीवाय में ऑल इंडिया 5वीं रैंक हासिल कर चुके हैं। उनके 10वीं में 95.6 प्रतिशत व 12वीं में 97.4 प्रतिशत अंकों से पास की है। मेरा सपना एमआईटी में एडमिशन लेना है। पिता डी. राजवी बिजनेसमैन हैं और मां आर. कासीमालार गृहिणी हैं।
लाॅकडाउन का फायदा उठाकर गर्ल्स टाॅपर बनीं कनिष्का
यूपी के मुरादाबाद निवासी कनिष्का मित्तल ने एडवांस्ड में ऑल इंडिया 17 रैंक प्राप्त की है। वे ऑल इंडिया गर्ल्स टाॅपर हैं। कनिष्का ने बताया कि उनके बड़े भाई बीटेक कर रहे हैं। कोटा आना मेरे लिए टर्निंग प्वाइंट रहा, क्योंकि यहां टाॅपर बनाने के लिए मेहनत की जाती है। मैंने खुद को दूसरों से कम्पेयर नहीं किया। 12वीं 98.4 प्रशित व 10वीं कक्षा 99 प्रतिशत अंकों से पास की है। वे कंप्यूटर साइंस ब्रांच में दाखिला लेना चाहती हैं। पिता अनुज कुमार मित्तल फोटो स्टेट की दुकान चलाते हैं। मां सुचिता मित्तल गृहिणी हैं।
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