भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड की टेक्नीकल कमेटी की बैठक मंगलवार को वीसी के जरिए हुई। इसमें नवंबर माह में इंदिरा गांधी नहर सहित विभिन्न परियोजनाओं के लिए पानी का निर्धारण किया गया। इंदिरा गांधी नहर परियोजना को नवंबर में 7a750 क्यूसेक पानी चलेगा। इस कारण वर्तमान में चल रहा रेगुलेशन बदल जाएगा। तीन में से एक ग्रुप की नहरों में पानी चलेगा।
इससे काश्तकारों को 8 दिन की बजाय 17 दिन बाद सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। हालांकि रेगुलेशन बदलने का निर्णय गत माह जल परामर्शदात्री समिति की बैठक में लिया गया था। इसमें सदस्य विधायकों ने पानी की उपलब्धता के अनुसार 30 अक्टूबर से रेगुलेशन बदलने पर सहमति दी थी। चीफ इंजीनियर विनोद मित्तल ने बताया कि नवंबर में भाखड़ा प्रणाली में 1200, गंग कैनाल में 1800 व नोहर-सिद्धमुख परियोजना में 500
क्यूसेक पानी मिलेगा। इंदिरा गांधी नहर परियोजना के किसानों को तीन में से एक ग्रुप की नहरें चलाकर सिंचाई के लिए पानी दिया जाएगा। जल परामर्शदात्री समिति की बैठक में हुए निर्णय के अनुसार बांधों में आवक नहीं बढ़ी तो 7 मार्च तक इंदिरा गांधी नहर परियोजना के किसानों को 7 मार्च तक सिंचाई पानी की मात्र 5 बारी मिलेगी।
बीबीएमबी टेक्नीकल कमेटी की बैठक में इंदिरा गांधी नहर, भाखड़ा प्रणाली सहित विभिन्न परियोजनाओं के लिए पानी का निर्धारण हुआ। आईजीएनपी की नहरें तीन में से एक ग्रुप में चलेंगी। यह निर्णय जल परामर्शदात्री समिति की बैठक में लिया गया था।
-विनोद मित्तल, चीफ इंजीनियर, जल संसाधन उत्तर जोन, हनुमानगढ़
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