संभाग के सबसे बड़े जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में बुधवार से रूटीन सर्जरी करने पर राेक लगा दी है। अस्पताल प्रशासन के आदेश के अनुसार जेएलएन में अब केवल इमरजेंसी यानी आपातकाल में किसी मरीज काे ऑपरेशन की जरूरत महसूस हुई ताे केवल उसका ही ऑपरेशन किया जाएगा। शहर में लगातार काेविड मरीजों की संख्या में हाे रहे इजाफे काे देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने यह आदेश जारी किए हैं। दाे दिन पहले प्रदेश के उदयपुर और काेटा जिला अस्पताल में सर्जरी पर राेक लगाई जा चुकी है। सर्जरी पर राेक लगाने के साथ ही किसी भी विभाग में किसी भी डाॅक्टर की पर्ची पर अब मरीज काे भर्ती नहीं किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार इसके लिए जेएलएन के प्रिंसिपल डाॅ. वीबी सिंह ने आदेश जारी किए हैं। अस्पताल में भर्ती हाेने वाले मरीज काे वहीं की सरकारी पर्ची पर ही डयूटी पर मौजूद चिकित्सक काे दिखाकर एडमिशन करवाना हाेगा। ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक यदि महसूस करेंगे कि मरीज काे भर्ती करने जैसी स्थिति है ताे ही उसे भर्ती किया जाएगा।
चिकित्सा प्रशासन की ओर से सर्जरी पर राेक लगाने के बाद अब मरीज निजी अस्पतालों में जाने काे मजबूर हाेंगे। एक बार फिर आमजन काे अप्रैल की स्थिति याद आ रही है। जिला प्रशासन ने अप्रैल माह में काेविड के मरीजों की संख्या बढ़ने पर पूरे अस्पताल काे सुपर काेविड अस्पताल बना दिया था।
चिकित्सा विभाग पहले चरण में तीन साै बेड काे काेविड स्पेशल बना चुका है। जिस तेजी से एक बार फिर मरीजों की तादाद बढ़ रही है। जल्द ही दूसरे वार्डों काे खाली करवाकर वहां पर भी काेविड मरीजों काे रखने की तैयारी की जा रही है। मरीजों की संख्या बढ़ने के अंदेशे के कारण ही अस्पताल में सर्जरी पर राेक लगाई गई है।
जेएलएन प्रिंसिपल ने जारी किए आदेश
काेविड से जुड़े चिकित्सा अधिकारियों का कहना है कि कई बार ऐसा देखने में आया है कि मरीज की स्थिति सिम्पटाेमेटिक हाेती है। जांच में रिपोर्ट निगेटिव आ जाती है। ऐसे मरीजों की सीटी स्केन करवाएं ताे वह पॉजिटिव निकल सकते हैं, लेकिन हर किसी की सीटी स्केन नहीं करवाई जा सकती। ऐसे मरीजों के ऑपरेशन हाे जाते हैं। तीन दिन बाद लक्षण सामने आने पर वह पॉजीटिव निकल जाता है।
ऐसे में ऑपरेशन करने वाली टीम और साथ रहने वाले मरीज पर संकट हाे सकता है। अस्पताल में काफी काेराेना के मरीज आ गए हैं। किसी अन्य काे इंफेक्शन नहीं हाे इसी काे देखते हुए रूटीन सर्जरी ऑपरेशन पर राेक लगाई गई है।
किसी भी डाॅक्टर की पर्ची पर नहीं हाेंगे भर्ती
इन आदेशों के बाद सभी नर्सिंग और रेजीडेंट काे आदेश जारी किए गए हैं कि किसी भी यूनिट में अब किसी भी डाॅक्टर की पर्ची पर आने वाले मरीज काे भर्ती नहीं किया जाएगा। सीधे अस्पताल आने वाले मरीजों काे ही अब यहां भर्ती किया जाएगा।केवल आपात स्थिति में ही मिलेगी प्राथमिकता
जेएलएन अस्पताल से जुड़े डाॅक्टराें का कहना है कि हादसे में घायल हाेने वाले मरीज, गैंगरीन, ऑर्थोपेडिक में फ्रेक्चर, ईएनटी, गायनी सहित ऐसे ऑपरेशन, जो किसी की जान बचाने के लिए आवश्यक होंगे, केवल वही ऑपरेशन प्राथमिकता से किए जाएंगे।
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