सागवाड़ा उपखण्ड क्षेत्र के भासौर ग्राम पंचायत के नया टापरा पाड़ा फला के रहने वाले लोग चार महीने तक पानी से घिरे रहते हैं। इनके आवागमन का एक मात्र साधन नाव है। लोग मोहल्ले को जोड़ने के लिए पुलिया निर्माण की मांग कर रहे फिर भी प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। भासौर पंचायत के नया टापरा के पाड़ा फला में 15 मकान है। जहां पर करीब 70 रहते हैं।
इनकी खेती व जमीन भी यहीं है। ऐसे में लोगो को यहां रहना मजबूरी है। यहां से भासौर या नया टापरा जाने के लिए लोग नाव या ट्यूब का सहारा लेकर नाला पार करते है। जिनको आने जाने के लिए बच्चे या युवा नाव चलाते हंै। जिससे हादसे का डर बना रहता। 19 बालक विद्यालय में अध्ययनरत हैं। जिनमें 11 राउमावि भासौर व 8 विद्यार्थी राप्रावि नया टापरा अध्ययन को जाते है।
हर वर्ष एक नाव ग्रामीण राशि एकत्रित कर लाते है। हाल में तीन से चार नावें है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व सरपंच गीता देवी के कार्यकाल में पुल निर्माण के लिए 80 लाख रुपये की स्वीकृति करवाई थी। लोक निर्माण विभाग के अधीन राप्रावि नया टापरा से सुरेला तक डामर सड़क मय पुलिया का निर्माण स्वीकृत 2013-14 में हुआ था, किन्तु बेकवाटर में पानी कम नही होने से पुल निर्माण नहीं हो सका जिससे राशि लैप्स हो
गई। इस बारे में सरपंच मानजी मीणा से जब बात की तो उन्होंने कहा कि वे बाहर है। वहीं ग्राम विकास अधिकारी कल्पेश जैन का कहना है कि ग्रामीणों की यह समस्या लंबे समय है इसकी जानकारी है। इसको लेकर स्वीकृति जारी नहीं हुई है।
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