हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय पोषण अभियान में साल 2018 से विभिन्न पदों पर कार्यरत 600 से भी ज्यादा प्रार्थी संविदाकर्मियों को हटाने पर रोक लगाते हुए उन्हें पद पर निरंतर काम करते रहने के लिए कहा है। अदालत ने यह निर्देश बुद्धिप्रकाश व लखन सहित अन्य की याचिका पर दिया।
अधिवक्ता हिमांशु जैन ने बताया कि प्रार्थी अकाउंटेंट व काउंसलर सहित अन्य पदों पर राष्ट्रीय पोषण अभियान में संविदा पर काम कर रहे थे। उनकी कार्य अवधि समय-समय पर बढ़ती रही। लेकिन पुरानी प्लेसमेंट एजेंसी का कार्यकाल खत्म होने और नई प्लेसमेंट एजेंसी आने के चलते 28 अगस्त 2020 के आदेश से प्रार्थियों को सेवा से हटाने का निर्देश दिया।
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