टैंकर घोटाले के इंजीनियरों को चार्जशीट नहीं भिजवाने पर सोलंकी को नोटिस

जलदाय विभाग में पेयजल परिवहन घोटाले के आरोपी इंजीनियरों की चार्जशीट बना कर नहीं भेजने के मामले में चीफ इंजीनियर ने एडिशनल चीफ इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस थमा दिया। जबकि एक महीने पहले हुई बैठक में सात दिन में चार्जशीट बना कर भेजने का एसीई ने वादा किया था।

अब कार्रवाई के बजाए मामले को टाल दियाा। नोटिस के वायरल होने के बाद सीई व एसीई आमने सामने हो गए है तथा मामला विभाग के प्रमुख सचिव राजेश यादव तक पहुंच गया है। लेकिन चीफ इंजीनियर के राजनीतिक संबंध व एसीई के ब्यूरोक्रेसी से तालुकात को देखते हुए मामले को दबाया जा रहा है। चीफ इंजीनियर ने कड़े शब्दों में लिखे नोटिस में पूछा है कि आवश्यक व समयबद्ध प्रकरण में जरूरी कार्यवाही क्यों नहीं संपादित की।

चीफ इंजीनियर व एडिशनल सीई आमने-सामने
^विभाग की 15 जुलाई की बैठक में तय हुआ था कि जन लेखा समिति 2019-20 के 37वें प्रतिवेदन में समाविष्ट सिफारिश की अनुपालना 7 दिन में होनी है। यह रिपोर्ट वित्तीय सलाहकार के पास जानी थी। लेकिन निर्देशों की पालना ही नहीं हुई। -आरके मीना, चीफ इंजीनियर

^टैंकर के 2013-14 में मामले में पीएसी पैरा बना था। आरोपित इंजीनियरों की चार्जशीट बना कर पहले ही चीफ इंजीनियर (प्रशासन) को भिजवा चुके है। चीफ इंजीनियर (ग्रामीण) ने नोटिस दिया है तो दुबारा संशोधित चार्जशीट भिजवा देंगे। -देवराज सोलंकी, एडिशनल चीफ इंजीनियर



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