कृषि जिंसें बिना बेचे वापस ले जाना दिखाकर मंडी से बाहर की फर्मों के नाम बिल काटकर खरीद रहे व्यापारी, ताकि न देना पड़े शुल्क
नई धानमंडी में इन दिनाें मूंग, चना, गेहूं व सरसाें आदि कृषि जिंसाें की आवक हाे रही है। भाव नहीं मिलने का हवाला देकर बिना बेचे कृषि जिंसें वापस ले जाना दिखाकर मंडी से बाहर की फर्माें के नाम बिल काटकर खरीद की जा रही है। दाे दिन से नई धानमंडी में खुली नीलामी भी नहीं हाे रही है। कृषि जिंसाें से मंडी शुल्क नहीं मिलने के कारण अब मंडी समिति भी सख्त कदम उठाते हुए कच्चा आढ़तियाें काे नाेटिस थमाने की तैयारी कर रही है। गुरुवार से मंडी में कच्अाढ़तियाें काे नाेटिस थमाए जाएंगे।
नई धानमंडी में इन दिनाें मूंग 25 साै तीन हजार, गेहूं चार 4 साै से 5 साै, सरसाें 5 साै से 6 साै, चना 2 साै से 3 साै व ग्वार 2 साै से 3 साै क्विंटलआदि कृषि जिंसाें की नियमित रूप से आवक हाे रही है। केंद्र सरकार की ओर से कृषि जिंसाें की खरीद-फराेख्त के संबंध में जारी अध्यादेशाें के विराेध में व्यापारी, किसान व मजदूर भी एकजुट हाे गए हैं। मंडी परिसर में हाेने वाली कृषि जिंसाें की खरीद मंडी परिसर से बाहर की फर्माें के नाम बिल काटकर मंडी शुल्क व कृषक कल्याण
दिए बिना ही काराेबार किया जा रहा है। कृषि जिंसाें की आवक मंडी गेट पर दर्ज है। खुली नीलामी व्यवस्था भी दाे दिन से बंद है। मंडी समिति भी अब कृषक कल्याण शुल्क व मंडी शुल्क नहीं मिलने के कारण सख्त है तथा जिन कच्चा आढ़तियाें की दुकानाें पर कृषि जिंसें बिकने के लिए आ रही हैं उन्हें मंडी व कृषक कल्याण शुल्क का नाेटिस थमाने की तैयारी कर रही है।
सरकारी खरीद काे लेकर असमंजस की स्थिति
श्रीगंगानगर| मूंग की सरकारी खरीद काे लेकर अब तक सरकार ने आदेश जारी नहीं किए हैं। दूसरी तरफ मंडियाें में मूंग की नई फसल की आवक शुरू हाे गई है तथा एमएसपी से 12 साै रुपए प्रति क्विंटल तक कम भाव पर बिक रही है। सरकारी खरीद शुरू नहीं हाेने से किसानाें काे मजबूरन कम भाव पर व्यापारियाें काे अपनी मूंग की फसल बेचनी पड़ रही है। बीते दस दिनाें में लगभग 25 हजार क्विंटल मूंग की आवक हुई है तथा एमएसपी से 12 साै रुपए कम लगभग छह
हजार रुपए क्विंटल के भावाें पर बिका है।ऐसे में एमएसपी के हिसाब से देखें ताे मंडी में मूंग बेचने वाले किसानाें काे अब तक तीन कराेड़ रुपए की चपत लग चुकी है। मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 72 साै रुपए प्रति क्विंटल है, लेकिन सरकारी खरीद शुरू नहीं हाेने के कारण किसानाें काे मजबूरन कम भावाें पर अपनी उपज बेचनी पड़ रही है। कृषि उपज मंडी समिति सचिव लाजपतराय खुराना ने बताया कि
सरकारी खरीद काे लेकर सरकार ने अभी तक आदेश जारी नहीं किए हैं। मंडियाें में मूंग के भाव कम हैं। मूंग खरीद के लिए ई मित्र के माध्य से रजिस्ट्रेशन भी अभी तक शुरू नहीं हुआहै। दूसरी तरफ मूंग की सरकारी खरीद शुरू नहीं हाेने से किसानाें में अाक्राेश है। किसानाें का आराेप है कि सरकार की ओर से जानबूझकर खरीद शुरू नहीं की जा रही है। सरकार काे किसानाें की पूरी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदनी चाहिए।
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