देश में 34 वर्षों बाद आई नई शिक्षा नीति अवसाद मुक्त-अवसरयुक्त और भारत केंद्रित शिक्षा देने वाली नीति है। वास्तव में आजादी के इतने वर्षों बाद पहली बार ऐसी शिक्षा नीति आई है जाे भारत केंद्रित शिक्षा की बात करती है। इसके साथ ही बच्चों के बचपन के साथ न्याय करते हुए मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा पर जोर देती है, इसलिए विद्या भारती इस शिक्षा नीति का समर्थन करती है। इसे लागू करने के लिए केंद्र सरकार काे सहयाेग रहेगा। यह बात विद्या भारती चित्तौड़ प्रांत के पूर्व छात्र परिषद की ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस में प्रांत संगठन मंत्री गोविंद कुमार ने कही।
राष्ट्रव्यापी जागरुकता अभियान
उन्हाेंने कहा कि, विद्या भारती राष्ट्रीय शिक्षा नीति राष्ट्रव्यापी जागरुकता अभियान शुरू करेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत इसमें सुधारों के दायरे, पैमाने और प्रभाव पर व्यापक चर्चा के अलावा प्रतियोगिताएं भी शामिल होंगी। इसमें 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ऑनलाइन www.mynep.in में माय नेट पर आधारित प्रतियोगिताएं हाेंगी। एमएनपी प्रतियोगिता 13 भाषाओं, चार उप-विषयों पर हाेगी।
13 भाषाओं में हाेंगी प्रतियाेगिताएं उन्हाेंने बताया कि प्रतियाेगिताएं तीन श्रेणी में हाेंगी। पहली श्रेणी कक्षा 9-12 तक, दूसरी श्रेणी स्नातक तक और तीसरी श्रेणी नागरिकाें के लिए है। इसके तहत हस्तनिर्मित पेंटिंग, मीम मेकिंग, प्रधानमंत्री को पत्र-लेखन, भाषण प्रतियोगिता, निबंध लेखन प्रतियोगिता, लघु फिल्म निर्देशन (निर्माण), डिजिटल डिजाइनिंग और ऑनलाइन क्विज भी हाेगी। प्रत्येक श्रेणी में विजेताओं काे पुरस्कृत किया जाएगा। इनकी घोषणा 5 अक्टूबर को की जाएगी। प्रतियोगिता 13 भाषाओं में हाेगी। काॅन्फ्रेंस में 12 जिलों से 74 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। पूर्व छात्र परिषद के प्रांत प्रमुख राजेन्द्र सिंह ने आभार व्यक्त किया।
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