सुबह 9 बजे ऑफिस आए डॉ. कश्यप सीएमएचओ की कुर्सी पर बैठे, डेढ़ घंटे बाद पहुुंचे डॉ. महिया पहले सामने फिर कश्यप के जाते ही मुख्य कुर्सी पर बैठे
आखिर हुआ भी वही, जिसका अनुमान था। सोमवार को नागौर में दो सीएमएचओ एक ही केबिन में मौजूद रहे। एक-दूसरे की गैर मौजूदगी में दोनों ही अधिकारी मुख्य कुर्सी पर बैठते रहे। खास बात यह भी है कि दोनों ही दिनभर खुद के सीएमएचओ होने का दावा करते रहे और बारी-बारी से कुर्सी पर बैठते रहे। उधर, कर्मचारियों में संशय की स्थिति बनी रही। वे समझ नहीं पा रहे थे कि फाइलों पर हस्ताक्षर किसके कराएं।
लेकिन जो मुख्य सीट पर बैठा था, उन्हीं से हस्ताक्षर कराए। कुछ फाइलें डॉ. महिया तो कुछ पर डॉ. कश्यप ने साइन किए। वहीं, कलेक्टर कार्यालय में हुई बैठक में डॉ. सुकुमार कश्यप ने भाग लिया। दोनों ने एक ही रजिस्टर में हस्ताक्षर किए और दोनों के आगे सीएमएचओ लिखा था। उल्लेखीनय है कि भास्कर ने अपने साेमवार के अंक में ही बताया था कि नागौर में दो सीएमएचओ आ गए हैं।
कुर्सी का खेल: जिसे जब मौका मिला, मुख्य कुर्सी पर बैठते रहे दोनों ही अधिकारी
ऑफिस खुलने का समय 9:30 बजे का था लेकिन डॉ. कश्यप सुबह 9:01 बजे ही ऑफिस पहुंच गए वाे भी सरकारी गाड़ी से। आते ही रजिस्टर में हस्ताक्षर कर सीएमएचओ की सीट पर बैठ गए।
10:41 बजे सीएमएचओ डॉ. मेहराम महिया निजी वाहन से ऑफिस पहुंचे तो आगे सीट पर डॉ. कश्यप बैठे दिखे। उसी समय वहां मौजूद एक कर्मचारी ने एक और कुर्सी उन्हें लाकर दी और वे डॉ. कश्यप के सामने बैठ गए।
11 बजे डॉ. कश्यप मीटिंग के लिए निकले तो डॉ. मेहराम महिया सीएमएचओ की मुख्य सीट पर जाकर बैठ गए। इसके बाद दिनभर जब जिसे मौका मिला, उस सीट पर बैठता रहा।
दावा: 50 से ज्यादा साइन किए
डॉ. सुकुमार कश्यप ने दावा किया उन्होंने सोमवार को 50 से अधिक दस्तावेजों पर साइन किए। कहा- किसी अन्य अधिकारी से साइन कराने का सवाल ही नहीं होता।
कानून की शरण में नहीं जाऊंगा
देर शाम तक कार्यालय में मौजूद रहे डॉक्टर मेहराम ने कहा- मैंने भी कुछ फाइलों में साइन किए हैं। बोले- मैं कानून की शरण में नहीं जा रहा पर सरकार के आदेशों का इंतजार तो करुंगा।
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