प्रदेश में ‘एचआरसीटी’ जांच 4 से 8 हजार, महाराष्ट्र में 2 से 3 हजार रूपए में, महाराष्ट्र की तर्ज पर शुल्क तय करें सरकार तो लोगों को मिले राहत
एक तरफ कोरोना संक्रमित मरीज फेफड़ों में संक्रमण के कारण दम तोड़ रहे है, वहीं दूसरी तरफ मरीजों के लंग्स इंफेक्शन, निमोनिया, पानी भरना जैसी जटिलताओं का पता करने वाली हाई रिजोल्यूशन कंप्यूटर टोमोग्राफी ‘एचआरसीटी’ जांच के नाम पर निजी अस्पतालों व सेंटरों पर मरीज लूट रहे है।
जयपुर समेत अजमेर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर और कोटा में निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेन्टरों पर एचआरसीटी का जांच शुल्क 4000 से 8 हजार रुपए वसूले जा रहे है। जिस तरह से सरकार ने आरटी-पीसीआर जांच का शुल्क घटाया है। ठीक उसी तर्ज पर महाराष्ट्र व अन्य राज्यों की तर्ज पर एचआरसीटी जांच शुल्क तय करें। जिससे कोरोना महामारी में निजी अस्पतालों और सेन्टरों पर मरीजों को राहत मिल सकें।
‘चेस्ट स्कैन’ से मौतों को रोका जा सकता है
श्वसन रोग संस्थान जयपुर के अधीक्षक डॉ.विनोद जोशी, अस्थमा रोग विशेषज्ञ डॉ.वीरेन्द्र सिंह, एसएमएस अस्पताल के मेडिसन के डॉ.रमन शर्मा व डॉ.अजीत सिंह का कहना है कि एचआरसीटी या चेस्ट स्कैन के जरिए मरीज में वायरस की गंभीरता का आसानी से पता चल जाता है। कोरोना वायरस के लक्षण न आने की वजह से मरीजों की स्थिति गंभीर हो जाती है। और इलाज में देरी की वजह से मरीजों की मौत हो सकती है।
किस राज्य में कितना एचआरसीटी शुल्क
सरकारी अस्पताल जयपुर
अस्पताल शुल्क
एसएमएस 700
जयपुरिया 770
कावंटिया 800
निजी अस्पताल
ईएचसीसी4500 रु
सूर्यम डायग्नोस्टिक4500 रु
सीके बिरला4950 रु
केम्बरवेल 5050 रु
गेटवेल 5400रु
फोर्टिस 4990 रु
एसडीएमएच 6000 रु
किरण डायग्नोस्टिक 6000 रु
ओके डायग्नोस्टिक 6100 रु
महाराष्ट्र
2000 रूपए
16 स्लाइस सीटी मशीन से जांच
2500 रूपए
64 स्लाइस सीटी मशीन से जांच
3000 रूपए
128 स्लाइस सीटी मशीन से जांच
- कोविड मरीजों के लिए एचआरसीटी जांच जरूरी है। जांच शुल्क कम होना चाहिए। एचआरसीटी में 10 से ज्यादा स्कोर होने पर कोविड पॉजिटिव है। इससे मरीज को बचाया जा सकता है। - डॉ.विजय कपूर, सचिव, प्राइवेट हॉस्पिटल एंड नर्सिंग होम सोसायटी
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
टिप्पणियाँ