शहर में 31% डीजल और 21% पेट्रोल की बिक्री घटी, जिले में लॉकडाउन से गिरी थी खपत, अनलॉक के बावजूद नहीं सुधरी
कोरोना काल की शुरुआत में लॉकडाउन से पेट्रोल-डीजल को जाे झटका लगा था, उससे अब तक शहर के पेट्रोलियम डीलर्स नहीं उठ पाए हैं। स्थिति यह है कि अनलॉक के साढ़े तीन महीने गुजरने के बाद भी फ्यूल की बिक्री कम होती जा रही है। शहर में सिर्फ अगस्त महीने में डीजल की 31% ताे पेट्रोल की 21% कम खपत हुई।
इसका कारण सनसिटी में अब तक पर्यटन, स्कूल, काॅलेज बंद हैं, वहीं 90% यात्री बसें भी नहीं चल रही हैं। कॉमर्शियल वाहन भी कम ही चल रहे हैं। इसके अलावा शहर और जिले में बायो फ्यूल के नाम से बिक रहे मिलावटी डीजल से भी बड़े उपभोक्ता पंप पर नहीं पहुंच रहे हैं। डीलर्स लगातार अवैध रूप से बायो डीजल या मिलावटी डीजल की बिक्री का विरोध भी कर रहे हैं।
राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के सचिव जीतेंद्र शर्मा कहते हैं कि पहले तो डीलर्स अनलॉक से कम बिक्री की मार से परेशान हैं अब दूसरी ओर अवैध रूप से मिलावटी डीजल बेचा जा रहा है। एसोसिएशन ने इस बारे में पुलिस और प्रशासन को बताया, फिर भी कार्रवाई नहीं होने से अब आंदोलन किया जाएगा।
30 से 35 रुपए तक बायो या मिलावटी डीजल सस्ता
शहर में अधिकृत तौर पर दो आउटलेट को बायो डीजल की अनुमति दी गई है। जेट्रोफा से बनने वाले इस डीजल का अभी बड़े स्तर पर प्रोडक्शन नहीं हो रहा है। इसकी आड़ में गुजरात या अन्य पड़ोसी राज्यों से मिलावटी डीजल लाकर सस्ते दामों में बेचा जा रहा है।
जहां पंप पर डीजल 82 रुपए प्रति लीटर में बिक रहा है, वहीं बायो फ्यूल या मिलावटी डीजल 45 से 60 रुपए प्रतिलीटर में बेचा जा रहा है। सीधे तौर पर प्रति लीटर 30 से 35 रुपए कम होने से पंप पर डीजल की बिक्री लगातार कम हो रही है। पेट्रोल पंप व्यवसायी शुभम गुलेच्छा ने बताया कि पहले से ही डीलर्स लॉकडाउन से परेशान थे और अब मिलावटी डीजल की बिक्री बढ़ती जा रही है।
इन कारणों से रही पेट्रोल-डीजल की कम खपत
- टूरिस्ट वाहनों का आवागमन अब बहुत कम है, बाहर से वाहन भी नहीं आ रहे।
- शिक्षण संस्थान बंद होने से स्टूडेंट्स बाइक या स्कूटी कम ही चला रहे।
- ट्रांसपोर्टर्स के बड़े वाहनों का संचालन अभी ज्यादा नहीं है।
- कॉमर्शियल वाहन भी कम चल रहे हैं।
डीजल की खपत में गिरावट के ये 4 बड़े कारण
रोडवेज
लॉकडाउन से पहले रोजाना 125 का संचालन, अब 70 के आसपास।
स्कूल बसें या बालवाहिनी
900 बसें व बाल वाहिनी पूरी तरह से बंद।
टूरिस्ट वाहन
300 से 400 वाहन हैं, अभी 70% तक बंद हैं।
टूरिस्ट बसें
रोजाना 400 संचालित होती थीं, अभी 90% बंद हैं।
पिछले साल और इस साल के आंकड़ों से समझिए... कितनी गिरावट आई
2020 2019 कमी गिरावट
} अगस्त 11575 12939 1402 10.84 % (जोधपुर जिला)
} अगस्त 5025 6447 1422 22 % (जोधपुर शहर)
} अगस्त 27376 34503 7127 21 % (जोधपुर जिला)
} अगस्त 5566 8069 - 2503 31 % (जोधपुर शहर)
(पेट्रोल व डीजल के आंकड़े किलोलीटर में। नाेट- आंकड़े तीनों सरकारी कंपनियों के हैं। रिलायंस व एस्सार की बिक्री शामिल नहीं है।)
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