2 कराेड़ रु. के निवेश पर ब्याज अनुदान और कैपिटल सब्सिडी में मिलेगी अतिरिक्त छूट, प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे

राज्य सरकार ने कोविड-19 वैश्विक महामारी और इसके चलते लागू किए गए देशव्यापी लाॅकडाउन के कारण उत्पन्न आर्थिक परिस्थितियों में पर्यटन, अपेरल और टेक्सटाइल क्षेत्रों को राहत देने के निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस संबंध में राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (रिप्स)-2019 के तहत अतिरिक्त लाभ एवं अनुदान में छूट के प्रस्तावों का अनुमोदन किया है।
गहलोत ने वित्त विभाग से प्राप्त प्रस्ताव पर पर्यटन को रिप्स-2019 के अन्तर्गत ‘थ्रस्ट सेक्टर’में शामिल करने और इसके साथ ही सामान्य लाभों के अतिरिक्त ब्याज अनुदान एवं कैपिटल सब्सिडी का अतिरिक्त लाभ देने का निर्णय लिया है। इसके तहत पर्यटन इकाई में न्यूनतम दो करोड़ रुपए का निवेश करने पर 20 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी की छूट अधिकतम 25 लाख रुपए तक अथवा ऋण पर ब्याज में 5 प्रतिशत अनुदान 5 वर्ष तक अधिकतम 25 लाख रुपए प्रतिवर्ष देय होगा।
वहीं अपेरल और टैक्सटाइल उद्योगों को अपशिष्ट शोधन संयंत्र (ईटीपी) पर देय अनुदान की सीमा में संशोधन करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृत किया है। इसके तहत इन उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषण को घटाने के लिए यहां अपशिष्ट शोधन संयंत्र स्थापित करने पर देय अनुदान की सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर अधिकतम 2 करोड़ रुपए तक कर दी है। राज्य सरकार का कहना है कि इन निर्णयाें से प्रदेश में पर्यटन के साथ-साथ कपड़ा एवं अपेरल उद्योग क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और प्रदेश में रोजगार अवसर बढ़ेंगे।

कोटा में ट्रिपल आईटी निर्माण के लिए राज्य सरकार ने 7.46 कराेड़ रुपए की मंजूरी दी

कोटा में ट्रिपल आईटी के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्यांश की राशि के रूप में 7.46 करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रावधान करने को मंजूरी दी है। यह सहमति इस शर्त के साथ प्रदान की है कि स्वीकृत राशि का उपयोग योजना के दिशा-निर्देशों, आरटीपीपी एक्ट एवं सम्बन्धित नियमों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करते हुए किया जाएगा। गहलोत की स्वीकृति से कोटा में ट्रिपल आईटी के निर्माण को गति मिलेगी । तथा केन्द्रीय अंश के रूप में प्राप्त 19.38 करोड़ की राशि का उपयोग भी संभव होगा।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
अशोक गहलोत (फाइल फोटो)


टिप्पणियाँ