संक्रमण रोकने को लॉकडाउन उपयोगी नहीं, इसलिए धारा 144 लगाई, कोविड केयर सेंटर्स में भर्ती मरीजों से मिलने एक व्यक्ति से अधिक नहीं जाए : गहलोत
प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को पक्ष व विपक्ष के जनप्रतिनिधियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं एक्टिविस्ट्स के साथ वीडियो कांफ्रेंस के जरिए बातचीत की। गहलोत ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में सभी वर्गों की अहम भूमिका रही है।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, विभिन्न दलों के नेताओं, एनजीओ, सामाजिक कार्यकर्ताओं, धर्मगुरूओं, भामाशाहों एवं कोरोना वॉरियर्स की मदद से राज्य सरकार को प्रदेश में कोरोना संक्रमण को काफी हद तक काबू में रखने में सफलता मिली है,साथ ही कोरोना से मृत्युदर भी न्यूनतम रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ राज्यों ने पूर्व में सप्ताह में दो दिन लॉकडाउन लगाया था। लेकिन केंद्र का कहना है कि सप्ताह में दो दिन का लॉकडाउन संक्रमण रोकने के लिए उपयोगी नहीं है। पूर्व में लंबा लॉकडाउन लगने से रोजमर्रा के काम कर आजीविका चलाने वालों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि संक्रमण रोकने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश के 11 शहरों में धारा 144 लागू कर पांच से अधिक व्यक्तियों के इकट्ठा होने पर रोक लगाई है। गहलोत ने कहा कि कोविड केयर सेंटर्स में भर्ती मरीजों से मिलने एक व्यक्ति से अधिक नहीं जाए ।
मरीजों से मिलने एक से अधिक परिजनों के वहां जाने से संक्रमण का खतरा बढ़ता है। उन्होंने इस संबंध में एडवाइजरी जारी करने के निर्देश दिए। वीसी के दौरान सामाजिक संगठनों एवं एनजीओ के प्रतिनिधियों ने भी आमजन में हैल्थ प्रोटोकॉल को लेकर अधिक से अधिक जागरूकता पैदा करने का सुझाव दिया।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान किसने क्या बोला
- चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन बेड,वेन्टीलेटर एवं आइसीयू बेड उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एसएमएस अस्पताल में कोबास मशीन से प्रतिदिन 4500 टेस्ट किए जाएंगें।
- शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि छुट्टी के दिन लोगों को स्व-प्रेरित लॉकडाउन का पालन करते हुए यह तय करना चाहिए कि अति आवश्यक हो तभी घर से बाहर जाएं।
- चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने वीसी में शामिल विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं का धन्यवाद दिया और प्रभावी जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत पर बल दिया।
- नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना सख्ती से करवाने का सुझाव दिया।
- भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने निजी अस्पतालों को उचित दरों पर इलाज करने के लिए पाबंद करने के संबंध में सुझाव दिए।
- बीटीपी के अध्यक्ष वेलाराम घोघरा ने लॉकडाउन के दौरान आए प्रवासियों के लिए रोजगार की समुचित व्यवस्था करने संबंधी सुझाव दिए।
- सीपीएम के बलवान पूनियां ने कोविड सेन्टर्स में भर्ती मरीजों को काउंसलिंग का सुझाव दिया।
- स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई वीसी में मजदूर किसान शक्ति संगठन के निखिल डे ने कहा कि प्रदेश में हैल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अच्छा काम हुआ है।
- सामाजिक कार्यकर्ता अरूणा रॉय ने कहा कि कोरोना संक्रमण के काल में राशन,पेंशन एवं मनरेगा से लोगों को काफी संबल मिला है।
- प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अखिल अरोरा ने बताया कि प्रदेश में प्रतिदिन 15 हजार से अधिक ऑक्सीजन सिलेंडर की क्षमता विकसित कर ली गयी है व 35 जांच लैब स्थापित की गयी हैं। उन्होंने कहा कि 8 हजार से अधिक ऑक्सीजन बेड,1700 आईसीयू तथा 1352 वेंटीलेटर बेड उपलब्ध हैं। मरीजों को जीवनरक्षक इंजेक्शन निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
निजी अस्पताल भी सेवा के लिए आगे आएं : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को सीएमआर से प्रदेश के 20 से अधिक जिलों के सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों के विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ वीसी के माध्यम से रोना वायरस के से निपटने की कार्ययोजना पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि राजस्थान में चिकित्सा व्यवस्था से जुड़े सभी लोगों ने कोविड महामारी से लडाई में राज्य सरकार को भरपूर सहयोग दिया है।
उन्होंने निजी अस्पतालों से अपील की कि संकट के इस समय में वे लोगों की सेवा के लिए निस्वार्थ भाव से आगे आएं। प्रमुख सचिव चिकित्सा अखिल अरोरा ने बताया कि बीते कुछ दिनों में संक्रमित व्यक्तियों की संख्या बढ़ी है,लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने जीवनरक्षक दवाओं एवं उपकरणों सहित सभी आवश्यक प्रबंध कर कोरोना से मृत्यु की दर को नियंत्रित रखा हुआ है।
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