नेशनल हाईवे पर शिक्षक भर्ती 2018 में सामान्य वर्ग की रिक्त सीटाें पर एसटी वर्ग काे देने की मांग काे लेकर हुए हिंसक आंदाेलन के बाद साेमवार काे मूल अधिकार मंच और चेम्बर ऑफ काॅमर्स की ओर से डूंगरपुर बंद का आह्वान किया गया था। लूटपाट की घटनाओं काे लेकर व्यापारियाें में राेष भी खूब दिखा और बंद काे लेकर सुबह से ही व्यापारी और सामान्य वर्ग में पूर्ण समर्थन देखने काे मिला।
किसी भी चेम्बर के सदस्य की ओर से बंद के समर्थन में दुकानें बंद
कराने के लिए निकलना नहीं पड़ा। 1100 प्रतिष्ठान ने अपनी मर्जी से सुबह 9 से देर रात्रि तक अपने प्रतिष्ठान स्वैच्छा से बंद रहे। यहां तक आपातकालीन सेवा में आने वाले मेडिकल स्टाेर, दूध, सब्जी विक्रेता ने भी बंद काे समर्थन दिया। जिससे शहर में करीब 25 कराेड़ का व्यापार प्रभावित रहा।
शहर में करीब पांच हजार से अधिक दुकानें, शाेरूम, केबिन और हाॅलसेलर व्यापारी थे। जिन्हाेंने बिछीवाड़ा, शिशाेद, माेतली माेड़, भुवाली और खेरवाड़ा में लूटपाट, मारपीट और आगजनी से हुए कराेड़ाे रुपए के नुकसान काे लेकर राेष व्यक्त करते हुए बंद का पूर्ण समर्थन किया।
अधिकांश व्यापारी इंश्याेरेंस नहीं करते है, विशेष पैकेज की मांग
चेम्बर ऑफ काॅमर्स के लिए जिलेभर में करीब 3500 से चार हजार सदस्य है। वहीं करीब 20 हजार से ज्यादा व्यापारी जिलेभर में अपनी राेजी राेटी के लिए जुडे़ हुए है। ऐसे में असामाजिक तत्वाें की ओर से लूटपाट, आगजनी और ताेड़फाेड़ ने सबसे ज्यादा व्यापारी काे नुकसान हाेता है। उन्हाेंने बताया की अधिकांश व्यापारी इंश्याेरेंस नहीं करते है। इसके कारण उनके नुकसान से उनकी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। ऐसे में शासन और प्रशासन की ओर से व्यापारी काे सुरक्षा की गारंटी की जरूरत हाेती है।
उन्हाेंने कहा की हाईवे और खेडा कच्छवासा क्षेत्र में कराेड़ाें रुपए का नुकसान हुआ है। इसका मुआवजा राज्य सरकार की ओर से विशेष पैकेज देकर देने की मांग रखी। चेम्बर के महामंत्री प्रभुलाल पटेल और काेषाध्यक्ष राजेश डेडू ने बताया की करीब 5 हजार व्यापारी ने बंद काे पूर्ण समर्थन दिया। बंद काे लेकर ग्रामीण क्षेत्र में भी समर्थन मिला।
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