जन्माष्टमी से पहले खाटूश्यामजी में कोरोना मरीजों की संख्या नौ पहुंचने पर बुधवार को प्रशासन ने बाजार पूरी तरह बंद करवा दिया। संक्रमण प्रभावित क्षेत्र में 17 अगस्त तक कर्फ्यू लगाया गया है। इधर, मंदिर के पट बंद होने के बावजूद कृष्ण जन्माष्टमी पर दिल्ली, गुजरात सहित अन्य बाहरी इलाकों से श्रद्धालु खाटू धाम पहुंचते रहे। पुलिस और प्रशासन बाहर से आने वाले लोगों के सैंपल लेकर उन्हें वापस लौटाता रहा।
कर्फ्यू में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक और भीतरी आवागमन बंद होने से चारों तरफ सन्नाटा पसर रहा। लोगों का आवागमन रोकने के लिए दूसरे थानों का पुलिस जाब्ता तैनात करना पड़ा। दिनभर पुलिस सख्त नजर आई। कर्फ्यू और कोविड नियमों की पालना नहीं करने वालों के चालाना काटे गए। जन्माष्टमी पर बाहरी लोगों के आवागमन का दबाव ज्यादा रहा। पुलिस जाब्ते के साथ एसडीएम अशोक कुमार रणवां ने इलाके का जायजा लिया। बाहर से आने वाले हर व्यक्ति को खाटूश्यामजी में प्रवेश से रोकने के साथ उनकी सैंपलिंग कर वापस लौटाया गया।
तीन दिन में आए 9 कोरोना संक्रमित
खाटूश्यामजी में तीन दिन में 9 कोरोना संक्रमित आ चुके हैं। बुधवार को सीतारामपुरा में एक और व्यक्ति कोरोना संक्रमित आया। खाटूश्यामजी में सोमवार को दो, मंगलवार को पांच और बुधवार काे एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित मिला। इनमें चार मिठाई दुकान संचालक, प्रवासी मजदूर, सब्जी विक्रेता और किराणा स्टोर संचालक हैं। इधर, लॉक डाउन के बाद से मंदिर के आस-पास का बाजार बंद है।
खाटूश्यामजी कोविड सेंटर में भर्ती हैं 60 मरीज
पिछले दिनों खाटूश्यामजी में बनाए गए कोविड सबसेंटर में 60 मरीज भर्ती हैं। सीकर स्थित सांवली अस्पताल में मरीजों की संख्या का दबाव बढ़ने पर खाटूश्यामजी, नीमकाथाना व खंडेला में सबसेंटर शुरू किए गए थे।
बाहरी श्रद्धालुओं के आने से मंदिर कमेटी की निष्पक्षता पर फिर उठा सवाल
कोविड नियमों के तहत देशभर के बड़े मंदिरों में आमजन का प्रवेश बंद है। इसके बावजूद जन्माष्टमी पर दिल्ली, गुजरात सहित अन्य राज्यों से खाटू आने वालों की बड़ी संख्या मंदिर कमेटी की निष्पक्षता पर सवाल उठा रही है। क्योंकि लॉकडाउन में पूर्व में भी मंदिर में दर्शन कराने का वीडियो वायरल हो चुका है। मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
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