मई में टेंडर, जून तक देने थे वेंटीलेटर, अगस्त में भी नहीं दे पाए जोधपुर, उदयपुर, कोटा में तो भेजा ही नहीं, जयपुर में भी कमी

हर दिन बढ़ते कोरोना पॉजिटिव केस के बीच 100 का आंकड़ा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले सात दिन में से छह दिन 100 से अधिक कोरोना पॉजिटिव आ रहे हैं। शुक्रवार को भी 104 पॉजिटिव केस आए। राहत की बात यह रही कि मौतों का आंकड़ा शून्य है। वहीं एक आईएएस के परिजन और पुलिस विभाग के दो अधिकारी पॉजिटिव आए हैं।

पॉजिटिव का कुल आंकड़ा 6250 तक हो चुका है। स्वास्थ्य भवन में कोरोना पॉजिटिव आने के बाद शुक्रवार को 20 फीसदी स्टाफ भी काम पर नहीं अाया। स्टाफ को डर है कि जिन लोगों को कोरोना हुआ है वे सभी जगह आए-गए हैं, ऐसे में कहीं भी कोरोना वायरस का होना संभव है। हालांकि पूरे भवन काे सेनेटाइज कराया गया है लेकिन कर्मचारियों और अधिकारियों में डर बना हुआ है।

40 जगह से आए 104 केस : शुक्रवार को 40 जगह से 104 केस आए हैं। एक जने का एड्रेस सामने नहीं आया है। सबसे अधिक पॉजिटिव मानसरोवर (13) आए हैं। इसके अलावा सांगानेर, मालवीय नगर और झोटवाड़ा में लगातार केस बढ़ रहे हैं। यहां 8-8 केस हैं।

किशनपोल में 6, बनीपार्क में 5, बापू नगर, सोढ़ाला, कोटपुतली, तिलक नगर, सीकर रोड, गांधीनगर में 3-3, सांभर, दूदू, जगतपुरा, चाकसू, सीतापुरा, ईदगाह, लालकोठी, राजपार्क, हरमाड़ा, जवाहर नगर, विराटनगर, सिविललाइंस, विद्याधर नगर, अजमेर रोड, शास्त्रीनगर, घाटगेट, जामडोली और जेएलएन मार्ग से 1-1, टाेंक फाटक, चांदपोल, मुरलीपुरा, सिरसी, गोिवंदगढ़, वैशाली नगर, सेंट्रल जेल, एसएमएस, टोंक रोड से 2-2 केस सामने आए हैं।

भट्टा बस्ती में सब्जीवाला निकला काेराेना पॉजीटिव
सुपर स्प्रेडर की जांच के लिए शुक्रवार को 858 सैंपल लिए। इनकी रिपोर्ट शनिवार को आनी है। इससे पहले गुरुवार काे लिए गए सैंपल की जांच में भट्टा बस्ती में एक सब्जी वाला कोरोना पॉजिटिव मिला। उसके संपर्क में आने वाले परिवार के 13 लोगों को हाेम क्वॉरेंटाइन किया है। शुक्रवार को विद्याधर नगर, भट्टा बस्ती, रेलवे कॉलोनी, शास्त्री नगर, मुरलीपुरा ,फिल्म कॉलोनी, चांदपोल गेट के पास, रामगंज और आदर्श नगर में सब्जी व किराने वालों के सैंपल लिए।

प्रदेश के अस्पतालों में गंभीर केस बढ़ रहे हैं, वेंटीलेटर की कमी पूरी नहीं हो पा रही
प्रदेश में कोविड-19 पॉजिटिव और मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध अस्पतालों को अब भी वेंटीलेटर का इंतजार है। दो माह पहले जारी हुए टेंडर के बाद कंपनियां अस्पतालों को वेंटीलेटर नहीं दे पा रही हैं। अब गंभीर रोगी बढ़ने लगे हैं तो अस्पताल और मेडिकल कॉलेज लगातार कंपनी से डिमांड कर रहे हैं। कंपनी कुछ दिन और इंतजार के ढर्रे पर है और विभाग भी कोई कार्रवाई नहीं कर पाया है। नियमानुसार और टेंडर की शर्तों के अनुसार कंपनी को एक महीने के भीतर अस्पतालों को वेंटीलेटर उपलब्ध कराने थे।

कोरोना की शुरुआत में ही जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा में बढ़ते केस की आंशका के चलते एहतियात के तौर पर इन मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध अस्पतालों में वेंटीलेटर की जरूरत बताई गई। मई में टेंडर भी जारी कर दिए। जून तक कंपनी को टेंडर कर वेंटीलेटर उपलब्ध कराने थे, लेकिन जयपुर के अलावा जोधपुर, उदयपुर और कोटा में अगस्त तक ये नहीं मिले हैं। नतीजतन अब जबकि इन जगहों पर गंभीर मरीज बढ़ने लगे हैं और वेंटीलेटर की सख्त जरूरत महसूस होने लगी है।

आरयूएचएस में 20 में से 19 मरीज वेंटीलेटर पर मरीज
कोटा में 45 वेंटीलेटर के लिए 29 मई आर्डर डेट दी गई। शर्तों के अनुसार 29 जून तक वेंटीलेटर दिए जाने थे। लेकिन सात अगस्त तक यहां वेंटीलेटर सप्लाई नहीं किए गए।
जोधपुर में 35 वेंटीलेटर की जरूरत देखते हुए किए गए टेंडर के तहत 10 जून आर्डर डेट दी गई। 10 जुलाई तक वेंटीलेटर सप्लाई किए जाने थे। लेकिन ये भी सप्लाई नहीं किए गए।

उदयपुर में 35 वेंटीलेटर भेजने थे, एक भी नहीं भेजा।

जयपुर में 50 वेंटीलेटर सप्लाई किए गए। 5 भरतपुर और 3 सीकर भेज दिए गए। अब कोविड सेंटर आरयूएचएस बना दिया गया है तो वहां भी और जरूरत महसूस होने लगी है। स्थिति यह है कि अभी आरयूएचएस में 20 में से 19 वेंटीलेटर पर कोविड मरीज भर्ती हैं।

आखिर क्यों नहीं हो पाए सप्लाई

भास्कर पड़ताल में सामने आया है कि जिन्हें टेंडर जारी हुए, वे इतने अधिक वेंटीलेटर सप्लाई करने की स्थिति में नहीं हैं। एक जगह भी सप्लाई नहीं कर पाने वाली कंपनी कई जगह बार-बार टेंडर भरती गई और काम लेती गई लेकिन अब वह उपलब्धता नहीं करा पा रही है। वहीं हर दिन बढ़ते गंभीर मरीजों की संख्या की वजह से प्रदेश भर के अस्पतालों में वेंटीलेटर की जरूरत है।

नहीं होगी परेशानी
हर सरकारी अस्पताल में वेंटीलेटर की कमी है। कोविड में केन्द्र ने मदद की और अब सरकार स्तर पर भी खरीद की जानी है। वेंटीलेटर आते हैं तो स्थाई तौर पर समस्या का हल हो सकता है और भविष्य में कोविड के अलावा अन्य मरीजों को भी मिल सकेंगे।

अभी इतनी जरूरत नहीं
^ कुछ जगह वेंटीलेटर का डिले हुआ है, पता कर रहे हैं। अभी वेंटीलेटर की इतनी जरूरत सामने नहीं आई है। केन्द्र की ओर से भी कुछ वेंटीलेटर आए थे, और उनमें से अधिकांश को भिजवा दिया है।
-वैभव गालरिया, सचिव चिकित्सा शिक्षा



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कोटा में 29 जून तक वेंटीलेटर दिए जाने थे। लेकिन सात अगस्त तक यहां वेंटीलेटर सप्लाई नहीं किए गए।


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