राजस्थान चिकित्सा के क्षेत्र में काफी आगे बढ़ा, हमारा सपना है कि प्रदेश से किसी भी व्यक्ति को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़े

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से 300 करोड़ रुपए के की लागत से स्वास्थ्य सेवाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास किए। इसमें 29 भवनों का लोकार्पण तथा 8 निर्माण कार्यों का शिलान्यास शामिल है। सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं विकसित करने पर जोर गहलोत ने कहा कि हमारा सपना है कि प्रदेश से किसी भी व्यक्ति को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़े।
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि पिछले एक साल में 15 जिलों को मेडिकल कॅालेज मिले हैं, इनको मिलाकर राजकीय क्षेत्र में 31 मेडिकल कॅालेज हो जाएंगे। हमारी मंशा है कि सभी जिलों में मेडिकल कॅालेज खुलें। कोरोना संक्रमण से मुकाबला करते हुए हमने सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान चिकित्सा के क्षेत्र में काफी आगे बढ़ गया है। कोरोना से मुकाबले में हमारे प्रबंधन की देशभर में सराहना हुई है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. रघु शर्मा ने कहा कि कोरोना संक्रमण की चुनौती का मुकाबला करते हुए प्रदेश में मेडिकल कालेजों में सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 2 हजार डाक्टरों की भर्ती अंतिम चरण में है। 6,310 सीएएस की भर्ती की प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू होगी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री डाॅ. सुभाष गर्ग ने कहा कि प्रदेश में पूर्व में स्थापित 7 मेडिकल कालेजों के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 819 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि जारी की है। इससे इन मेडिकल कालेजों एवं इनसे सम्बद्ध अस्पतालों में विभिन्न सुविधाओं का विकास हो सकेगा।

सरकारी स्कूलों के पास से गुजर रही विद्युत लाइनों को हटाने के लिए अभियान चलाएगी सरकार : गहलोत

जयपुर। प्रदेश में सरकारी स्कूलों से गुजर रही विद्युत लाइनों को हटाने के लिए सरकार अभियान चलाएगी। ये लाइनें निशुल्क हटाई जाएंगी। बुधवार को सीएमआर पर ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री अशोक इसके लिए निर्देश दिए। इस दौरान गहलोत ने रिहायशी भवनों तथा अन्य निजी इमारतों से गुजर रही बिजली लाइनों को हटाने के लिए रूपरेखा तैयार करने क लिए भी कहा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में शहरों के साथ ही गांव-ढाणी तक उपभोक्ताओं को बिना ट्रिपिंग के निर्बाध विद्युत आपूर्ति करना सुनिश्चित करें। यह भी कहा कि बिजली बिलों को लेकर उपभोक्ताओं के परिवादों का जल्द से जल्द समाधान किया जाए। जिला एवं उपखंड स्तर पर अभियंता आमजन की शिकायतों को गंभीरता से लें इसके लिए भी गहलोत ने अधिकारियों को पाबंद किया।

गहलोत बोले कि बारिश के इस मौसम में आमजन को विद्युत जनित खतरों से बचाने के लिए एहतियात बरती जाए व विद्युत तंत्र की मेंटिनेंस का काम समय पर हो। विद्युत छीजत को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए तीनों वितरण कंपनियां प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया। जिन फीडरों पर अधिक छीजत पाई जाए उस फीडर पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव अजिताभ शर्मा ने प्रस्तुतीकरण में बताया कि प्रदेश में मांग के अनुरूप बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है। वर्तमान में शहरी एवं औद्योगिक क्षेत्रों में 24 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 22 से 23 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है।



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मुख्यमंत्री अशाेक गहलोत ने बुधवार को ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक की। इस दौरान अफसरों को कई निर्देश दिए।


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