राजकीय डीबी अस्पताल के एमसीएच के लेबर रूम में बधाई का खेल फिर शुरू हो गया है। प्रसव कराने पर स्टाफ द्वारा प्रसूता अथवा उसके परिजनों से बधाई के नाम पैसे लेने का मामला सामने आया है। मामले को लेकर
नायक महासभा के जिलाध्यक्ष ने भी अस्पताल अधीक्षक को इसकी लिखित शिकायत की, जिसके बाद अधीक्षक ने पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। मामला 9 अगस्त का है। सीकर जिले के फतेहपुर तहसील के गांव खोटिया की अनिता पत्नी नाेरतमल अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती हई।
महिला को लड़का हुआ, जिसकी एवज में नर्सिंग स्टाफ द्वारा लड़के को परिजनों को सौंपकर प्रसूता को लेबर रूम से भर्ती रूम तक तब तक नहीं भेजा गया, जब तक ड्यूटी स्टाफ को बधाई की राशि नहीं दी गई। मामले को लेकर नायक महासभा के जिलाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद नायक ने अस्पताल अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा गया तथा उक्त रिश्वतखोर स्टाफ को तुरंत हटाने की मांग की गई। जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रसूता के परिजनों के 700 रुपए लिए गए, जिसमें 500 रुपए नर्सिंगकर्मी एवं 100-100 रुपए सहायक कर्मचारियों को दिलाए गए। बतादें कि दो साल पहले यहां प्रसव के नाम पर बधाई के रुपए वसूले जाने की शिकायत पर तत्कालीन अधीक्षक ने नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी रोस्टर से लगा दी थी।
शिकायत पर जांच टीम बनाई, रिपोर्ट के बाद करेंगे कार्रवाई : अधीक्षक
अस्पताल अधीक्षक डॉ. गोगाराम ने बताया कि शिकायत मिली है, इसकी जांच के लिए टीम गठित की गई है। जांच में लेबर रूम में कार्यरत स्टाफ के दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
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