न्याय के लिए अपने हाथ-पांव जंजीरों से बांध कर लगाए ताले

भिरानी पुलिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ गांव छानीबड़ी में 20 दिन से अनशन और 30 दिन से धरना चल रहा है। खास बात यह है कि पुलिस अनशनकारी को ध स्थल से दो बार उठा अस्पताल में भर्ती करवा चुकी है, लेकिन अनशनकारी फिर वहीं आकर बैठ जाता है। सोमवार को अनशनकारी अंजनी बंसल ने मांग पूरी नहीं होने पर अनशन जारी रखने के लिए अनूठा तरीका अपनाया।

अनशनकारी ने खुद के हाथ-पांव जंजीर से बांध कर ताले लगा लिए, ताकि पुलिस फिर से उसे वहां से जबरन उठा कर नहीं ले जा सके। आपको बता दें कि इसी मामले को लेकर दो धरनार्थी पेयजल विभाग की टंकी पर भी चढ़े थे, जिन्हें बाद में आश्वासन देकर नीचे उतार लिया गया था। वहीं इस मामले में गत सप्ताह भिरानी पुलिस थाना प्रभारी राजाराम लेघा को हटाकर लाइन में भेज दिया था।


हालांकि थाना प्रभारी को हटाने का कारण स्वास्थ्य खराब होना बताया गया, लेकिन लोगों का कहना है कि यह इसी आंदोलन का परिणाम था। विदित रहे कि मारपीट और अन्य मामलों में दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भिरानी पुलिस के खिलाफ धरना-प्रदर्शन के बाद आमरण अनशन शुरू किया गया। इस संबंध में एएसपी राजेंद्र मीणा से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि अनशनकारी को समझाइश के प्रयास किए जा रहे हैं। जंजीर उसने खुद ने ही बांधी है। वार्ता कर आंदोलन समाप्त कराने के प्रयास जारी हैं।

पुलिस ने दो बार धरना स्थल से जबरन उठवाया, तो अनशनकारी को उठाना पड़ा यह कदम

भादरा/ हनुमानगढ़ . पुलिस उठा नहीं सके, इसलिए छानीबड़ी गांव में अनशनकारी ने खुद के हाथ और पांव जंजीरों से बांध कर लगाए ताले।



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