छत्तरगढ़ तहसील के राजासर भाटियान ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत चल रहे विकास कार्यों में धांधली का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने इस संबंध में जिला कलेक्टर को सबूत सहित ज्ञापन दिया है। ज्ञापन में उन्होंने बताया है कि जो दंपत्ति लॉकडाउन अवधि में गांव बाहर से थे।
उन्हें गांव के शिक्षक ने जिस अवधि में 14 दिन तक होम आइसोलेट किया, उसी अवधि के उनके नाम के मनरेगा में मस्टररोल जारी कर दिए। यह भी आरोप है कि ग्राम पंचायत की ओर से सारा काम मशीनों से करवाते हुए श्रमिक मद का भुगतान उठाया जा रहा है।
इस संबंध में शिकायत करता राजासर निवासी पूनमचंद पुरोहित ने का कहना है कि वे लंबे समय से गांव में चल रही मनरेगा की धांधली के बारे में अधिकारियों को अवगत करवा रहे हैं। मगर कोई उनकी सुनवाई नहीं कर रहा। जिला परिषद के सीईओ को ज्ञापन दिया।
उन्होंने जेईएन को मौके पर भेजा। मौके पर काम में धांधली पकड़ में आई मगर कोई कार्रवाई अब तक नहीं हुई। वे इस संबंध में जिला कलेक्टर को पांच से अधिक ज्ञापन दे चुके हैं। मगर, न्याय के लिए उन्हें बार-बार सरकारी विभागों के चक्कर निकालने पड़ रहे हैं।
मौके पर मशीनों से काम करते की तस्वीरें दी, 8 इंच की जगह 1 इंच डाल रहे सामग्री
पुरोहित का कहना है कि उनके पास जिस जगह मनरेगा के कार्य हुए हैं, वहां पर श्रमिकों की जगह मशीनों से काम करते हुए की तस्वीरें हैं, वीडियो भी बनाया। वह भी जिला परिषद सीईओ व कलेक्ट्रेट में दिए। जिन ग्रेवल सड़कों में 8 इंच सामग्री डालनी होती है, वहां नाम मात्र की 1 इंच की सामग्री डालकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है।
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