भाजपा उपाध्यक्ष के घर आधी रात हमला, बीएसएफ के रिटायर्ड जवान के हाथ-पांव काटे, मरा समझ भागे

शेरगढ़ पुलिस थाना क्षेत्र में सरपंच चुनाव की रंजिश को लेकर आधी रात को सो रहे बीएसएफ से रिटायर्ड जवान पर जानलेवा हमला कर दिया। धारदार हथियार से उन पर कई वार किए। बचाव के दौरान उनके हाथ कट गए। पैरों में भी गंभीर चोटें आई। वे घर के बाहर सो रहे थे।

बचने के लिए कमरे में घुसे और अंदर से दरवाजा बंद किया लेकिन आरोपियों ने दरवाजा तोड़कर उन पर कई वार किए। आखिर में हमलावर उन्हें मरा हुआ समझकर चले गए। घटना भारतीय जनता पार्टी देहात के उपाध्यक्ष रेखा कंवर के घर हुई। रेखा कंवर के पति कर्णसिंह गोगादेव भी पूर्व में भाजपा उपाध्यक्ष रह चुके हैं।

हमले में कर्णसिंह व एक अन्य भी घायल हुए हैं। उनसे मोबाइल व नकदी भी लूट कर ले गए। शेरगढ़ पुलिस ने बताया कि केतु हामा निवासी रामसिंह पुत्र उम्मेदसिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनका पुत्र भंवरसिंह 15 अगस्त की शाम को कर्णसिंह पुत्र सुमेरसिंह के घर था कि रात्रि करीब 1 बजे राजूसिंह पुत्र रूपसिंह व कंवराजसिंह पुत्र मालमसिंह वगैरह 20 लोग तलवार, लाठियां व बंदूक लेकर आए व उस पर जानलेवा हमला कर दिया।

उसे गंभीर घायल अवस्था में जोधपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस उप निरीक्षक बाबूलाल सीरवी ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया। पुलिस का कहना है कि घायल भंवरसिंह वर्तमान सरपंच के समर्थक हैं। इसी चुनावी रंजिश को लेकर इस वारदात को अंजाम दिया गया है।

4 जने पास-पास सो रहे थे, हमला सीधे भंवरसिंह पर ही

शनिवार रात के समय भवंरसिंह पुत्र रामसिंह, कर्णसिंह पुत्र सुमेरसिंह, लालसिंह पुत्र धनसिंह तीनों निवासी केतु हामा व बाबूसिंह डेरिया कर्णसिंह के घर के आगे चारपाइयों पर सो रहे थे। हमलावारों ने आते ही भवंरसिंह के पर हमला किया। वह जान बचाने हॉल के अंदर गए। दरवाजा बंद किया तो हमलावारों ने धारदार हथियारों से दरवाजा तोड़ दिया और ताबड़तोड़ हमला करके उन्हें मरा हुआ छोड़कर भाग गए।

बीच बचाव करने आए कर्णसिंह व अन्य को भी चोटें आईं। जबकि भंवरसिंह के हाथ, पैर, सिर में गंभीर चोटें लगी। भंवरसिंह पर हमले का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता कि चारों तरफ खून ही खून फैल गया। जिसे जोधपुर के निजी अस्पताल में आईसीयू में भर्ती कराया गया है। जहां पर हालत गंभीर बताई जा रही है।

एक महीने पहले जान बचाकर भागे थे भंवरसिंह

घर का कमरा जहां जवान ने बचने की कोशिश की।


भंवरसिंह की गाड़ी के ऊपर एक माह पूर्व कुई इंदा गांव की सरहद में पीछा करके फायरिंग की थी। उसमें भी भंवरसिंह ने गाड़ी दौड़ाकर अपनी जान बचाई। जिसकी रिपोर्ट शेरगढ़ पुलिस थाने में दी थी लेकिन मामले में किसी तरह की ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी से हमलावरों का दुस्साहस बढ़ा।

सरपंच चुनाव में हमलावरों की तरफ से मंगलाराम मेघवाल प्रत्याशी था। वह 21 वोटों से चुनाव हार गया। तब से ये भंवरसिंह से रंजिश रख रहे थे। थानाधिकारी कैलाशदान ने बताया कि भंवरसिंह ने पूर्व में रास्ता रोकने का मामला दर्ज कराया था लेकिन पंचायत स्तर पर समझौता चल रहा था। हाल ही में जमीन विवाद से मामला गरमा गया था। तब हमला कर दिया।


दरवाजा तोड़ हमला, मोबाइल भी ले गए

भंवरसिंह पर तलवार से हमला किया तो हाथ से बचाव किया। तो हाथ कट गया। करणसिंह से चैन, 5 लाख रुपए व मोबाइल फोन ले गए। भंवरसिंह की अंगूठी-चैन लूट ले गए। थानाधिकारी कैलाशदान ने मौका मुआयना किया है। घायल भंवरसिंह वर्तमान सरपंच के समर्थक हैं। हाल ही में जमीन कब्जे को लेकर मामला गरमाया था। इसे लेकर ही आरोपियों कातिलाना हमला किया।

दो दर्जन के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज
रात 12:30 बजे राजूसिंह पुत्र रूपसिंह व कंवराजसिंह पुत्र मालमसिंह दोनों रैकी करने आए। इसके बाद 1 बजे एक साथ 20-25 जने तलवार, बंदूक, लाठियां लेकर पहुंच गए। आते ही भंवरसिंह पर हमला कर दिया। इससे उनके हाथ एवं पांव बुरी तरह से कट गए।

वारदात में मुख्य आरोपी नगसिंह पुत्र गुमानसिंह, किशनसिंह व अजीतसिंह पुत्र नगसिंह, राजेंद्रसिंह पुत्र रूपसिंह, रामसिंह पुत्र नरपतसिंह, हिम्मतसिंह पुत्र करणसिंह, रावलराम पुत्र लक्ष्मणराम भील (कुई ईन्दा), कंवराजसिंह पुत्र मालमसिंह सहित 20-22 व्यक्ति नगसिंह की गाड़ी एवं रामसिंह की कार लेकर आए थे।



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अस्पताल में भर्ती जवान।


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