पुलिस थानों में पहले से ही दर्ज मुकदमों में जो नामजद अपराधी हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर पेंडेंसी कम करें। भगोड़े, वारंटी हिस्ट्रीशीटर और टॉप टेन सहित सभी अपराधियों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाना होगा जिससे जिले में कानून व शांति व्यवस्था कायम रहे। यदि किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी के अपराधियों से किसी भी तरह से ताल्लुकात हों तो ऐसे पुलिस अधिकारी या कर्मचारियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह बात गुरुवार को एसपी डॉक्टर अमनदीप सिंह कपूर ने क्राइम मीटिंग में कही जिसमें जिले के सभी थाना अधिकारियों के साथ एएसपी एवं डीएसपी मौजूद थे।
बैठक में एसपी ने कहा के दर्ज मुकदमों में अनुसंधान करने में अनावश्यक देरी नहीं करनी चाहिए, जितना जल्द हो सके उतना जल्द मुकदमों का निस्तारण करें। उन्होंने कहा कि हमें आमजन के प्रति संवेदनशील भी होना होगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि कोई परिवादी आता है तो बगैर कोई देरी किए उसका परिवाद दर्ज करना चाहिए और जितना हो सके उतना जल्दी उसे राहत पहुंचाने के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस कार्मिक एवं अधिकारियों को यह नहीं भूलना चाहिए कि वे आमजन के सेवक हैं, आमजन की सहायता के लिए उन्हें हमेशा तत्पर रहना चाहिए।
साथ ही अपराधियों के मन में इतना खौफ जरूर होना चाहिए कि वे आपके इलाके में किसी तरह का अपराध करने की हिम्मत ही ना जुटा सकें। एसपी ने कहा कि पुलिस कार्मिक और अधिकारियों को राठौरी कार्यवाही से बचना चाहिए, जो भी कार्रवाई की जाए वह सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज आवश्यक रूप से होनी चाहिए।
एसपी ने कहा यदि किसी पुलिस कार्मिक या अधिकारी के खिलाफ शिकायत आती है तो उसकी न केवल जांच की जाएगी अपितु दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए हमें अपने कर्तव्य के प्रति पूरी तरह जागरूक एवं ईमानदार होने की भी जरूरत है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
टिप्पणियाँ