शहर में काेराेना संक्रमित मिलने का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में नगर निगम के अधिकारियाें काे ढाई माह बाद फिर से 897 लाइसेंसधारी फल-सब्जी विक्रेताओं के काेराेना टेस्ट कराने की याद आई है। हालांकि, यह टेस्ट इन लोगों को मई माह में लाइसेंस जारी किए जाने के 15 दिन बाद फिर से कराना था।
3 हजार ठेलाकर्मी गली-गली घूमकर फल-सब्जी बेच रहे
शहर में कोरोना का संक्रमण बढ़ने पर मई माह में ठेले पर फल-सब्जी बेचने वाले 897 लोगों को काे वार्ड के आधार पर लाइसेंस दिए थे। उस समय इनकी कोरोना जांच की गई थी। तब तीन ठेलेवाले काेराेना से संक्रमित मिले थे। उस सयम तीनाें ठेलाकर्मियाें का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद निगम के अधिकारियाें काे 15 दिन बाद लाइसेंस लेने वाले ठेका चालकों के कोरोना टेस्ट कराने थे।
लेकिन अफसर लाइसेंस देकर मेडिकल जांच कराना ही भूल गए। अब काेराेना संक्रमित मरीजाें की संख्या बढ़ने लगी ताे अफसर फिर से सचेत हुए और इनकी जांच कराने का निर्णय हुआ। हालांकि, शहर में तीन हजार से ज्यादा लोग गली-गली में ठेलों पर फल-सब्जी बेच रहे हैं। उधर, हैरिटेज निगम के सीईओ लाेकबंधु ने कहा कि ठेले वालों की जांच जाेन स्तर पर की जाएगी। एक वार्ड में दस वेंडरों काे ही लाइसेंस दिए गए थे।
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