74वें स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री गहलोत ने मानसिंह स्टेडियम में झंडा फहराया, बोलेः लोकतंत्र को मजबूत रखने की जिम्मेदारी हम सभी की

74वें स्वाधीनता दिवस पर सवाई मानसिंह स्टेडियम में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने झंडारोहण किया। इसके बाद उन्होंने स्टेडियम में परेड का निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर आर्मी एवं सेंट्रल पुलिस बैण्ड की ओर से बैंडवादन एवं लोक कलाकारों ने लोकगीतों और नृत्य के साथ ही देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दीं।इस दौरान उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश के सामने कई चुनौतियां आईं, लेकिन देश इन चुनौतियों का मुकाबला करते हुए आगे बढ़ता रहा, क्योंकि हमारे लोकतंत्र की जड़ें मजबूत हैं।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी, पं. नेहरू, सरदार पटेल, डाॅ. अम्बेडकर और मौलाना आजाद जैसे महान नेताओं ने इस लोकतंत्र को मजबूत बनाया। सरकारें आती रहीं जाती रहीं लेकिन देश में लोकतंत्र कायम रहा। इस लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने की जिम्मेदारी हम सभी की है, क्योंकि लोकतंत्र बचेगा तभी देश बचेगा।
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि देश जब आजाद हुआ तब यहां देश में बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं थी। लेकिन पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने बड़े-बड़े बांधों का निर्माण करवाया और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए कई कारखाने स्थापित किए।

उन्होंने एम्स, इसरो, आईआईटी जैसे उच्च स्तरीय संस्थानों की स्थापना की। गहलोत ने कहा कि इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और डाॅ. मनमोहन सिंह जैसे दूरदर्शी सोच रखने वाले नेताओं की नीतियों एवं विजन से भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी और हमारा देश विकास के इस मुकाम तक पहुंचा। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, चिकित्सकों, नर्सिंग कर्मियों सफाई कार्मिकों एवं पुलिसकर्मियों ने कोरोना योद्धा के रूप में हम होंगे कामयाब गीत की आकर्षक प्रस्तुति दी। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।

कोरोना काल में सरकार ने 6 हजार करोड़ रुपए खर्च किए
गहलोत ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के इस दौर में राजस्थान ने बेहतरीन प्रबंधन कर आमजन को राहत पहुंचाई है। सजगता-सतर्कता तथा प्रदेशवासियों के सहयोग का ही परिणाम है कि राजस्थान कोरोना के हर पैरामीटर पर बेहतर स्थिति में है। सरकार ने जरूरतमंद तबके को राहत देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। कोरोना संक्रमण के विकट समय में गरीब, असहाय, बेसहारा एवं जरूरतमंदों को संबल देने के लिए राज्य सरकार ने अब तक 6 हजार करोड़ रुपए खर्च किए हैं।



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ध्वजारोहड़ को बाद अशोक गहलोत।


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