नगर निगम के काम करने के तरीके निराले हैं। इसकी एक बानगी देखिए। शहर में इन दिनों जिन बरसाती नालों की सफाई पिछले एक सप्ताह से की जा रही है उसके टेंडर भरने का शनिवार को अंतिम दिन था। इतना ही नहीं निगम के इस कार्य की मॉनिटरिंग यूआईटी कर रहा है। नगर निगम ने बरसाती नालों की सफाई के लिए दो पोकलेन मशीन लगाई है।
बड़ी मशीन आईजीएनपी की है, जबकि दूसरी छोटी मशीन किराए पर ली गई है। इन मशीनों से पीबीएम हॉस्पिटल के पीछे और शास्त्रीनगर के नालों की सफाई की जा रही है। निगम की जेसीबी भी लगी हुई है। सफाई जरूरी है, होनी भी चाहिए। लेकिन कहां कितना काम हो रहा है। देखने वाला कोई नहीं है। पोकलेन मशीनों का किराया घण्टे के अनुसार होता है। निगम इन मशीनों को डीजल दे रहा है। किराया भी देगा। लेकिन कैसे?
आयुक्त ने सात अगस्त को टेंडर जारी किए। नाला सफाई के लिए मशीन मय ड्राइवर और ईंधन एक माह के लिए मांगा है। तीन पोकलेन मशीन के लिए 10 लाख का टेंडर है, जिसकी 14 अगस्त को अंतिम तिथि थी। इस संबंध में कार्यवाहक आयुक्त और निगम के स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं हो सकी।
गौरतलब है कि जल भराव की समस्या का समाधान करने के लिए जिला कलेक्टर ने नालों की सफाई शुरू कराई थी। इसके लिए पीडब्ल्यूडी, आरयूआईडीपी, निगम और यूआईटी अभियंताओं की समन्वयक समिति भी बनाई, जिसके पर्यवेक्षण में काम चल रहा है।
बड़ा सवाल..किराया चुकाएंगे कैसे
निगम ने बिना टेंडर दो पोकलेन मशीन लगाई है। भले ही एक मशीन आईजीएपी की है। लेकिन कराया नहर विभाग भी लेगा। दूसरी मशीन किराए पर ली है। उसका किराया कैसे एडजस्ट किया जाएगा। जबकि टेंडर फाइनल ही नहीं हुए।
आवाज बुलंद...पार्षद ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
पार्षद जावेद पड़िहार ने आरोप लगाया है कि नाला सफाई के नाम पर निगम में भ्रष्टाचार हो रहा है। बिना टेंडर, वर्क ऑर्डर मशीनें लगा दी हैं। डीजल भी निगम दे रहा है। कराया भी देगा। इसके भुगतान में भारी भ्रष्टाचार होगा। ऐसा पहले भी होता आया है। निगम के संसाधनों का दुरूपयोग किया जा रहा है।
निगम के कार्यों की मॉनिटरिंग यूआईटी कर रही है। इनके बिल भी यूआईटी तैयार करेगी। जावेद ने जिला कलेक्टर से आयुक्त का चार्ज उपायुक्त को देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कार्यवाहक आयुक्त यूआईटी में बैठकर निगम चला रहे हैं।
बारदाना गली से सादुल कॉलोनी तक नोटिस
नगर निगम ने बारदाना गली से लेकर सादुल कॉलोनी और हॉस्पिटल रोड तक 60 से अधिक कब्जाधारकों को नोटिस जारी किए हैं। इन लोगों ने नाले पर अतिक्रमण कर रखे हैं। निगम उपायुक्त की ओर से जारी नोटिस में अतिक्रमियों को दस्तावेज पेश करने को कहा है। कोई साक्ष्य पेश नहीं करने पर अतिक्रमण ध्वस्त किया जाएगा।
खान कालोनी के 72 लोगों को अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी कर रखें हैं। लेकिन अभी तक एक भी अतिक्रमण नहीं तोड़ा जा सका। जबकि भारी बारिश की चेतावनी है। कलेक्टर खुद नालों पर अतिक्रमण देख चुके हैं। उन्होंने हटाने के निर्देश भी दिए थे। उधर, पार्षद मनोज बिश्नोई ने कहा है कि नाजायज तरीके से किसी को बेघर किया तो आंदोलन किया जाएगा।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
टिप्पणियाँ