राजनीतिक उठापटक के बीच सीएम गहलोत के दाे बड़े ऐलान, निकाय कर्मचारियों को भी सरकार देगी 50 लाख की आर्थिक सहायता

प्रदेश में जारी सियासी संकट के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बुधवार को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए 151 कर्मचारी संगठनों से जुड़े। इन संगठनों से उन्होंने कोविड-19 के लेकर बातचीत की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के गंभीर रोगियों के इलाज के लिए प्लाज्मा थैरेपी प्रारंभ कर दी गई है। अब तक करीब 115 लोगों को यह थैरेपी दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि राजस्थान पहला राज्य है, जिसने कोरोना वाॅरियर्स के रूप में काम कर रहे सरकारी और गैर-सरकारी कार्मिकों की चिंता करते हुए उन्हें 50 लाख रुपए के बीमा कवर की सुविधा प्रदान की है।

1. 50 लाख रुपए के बीमा कवर की तर्ज पर सरकार ने लिया यह फैसला
स्थानीय निकायों के कर्मचारी अधिकारी वर्ग के लिए कोरोना काल में सीएम से 50 लाख के बीमा कवरेज की मांग की गई। कर्मचारी संगठनों ने कहा कि नगर पालिका सेवा के अधिकारियों व कर्मचारियों को 50 लाख रुपए का बीमा कवरेज देने में पालिकाएं सक्षम नहीं है। इस मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोरोना संक्रमण से किसी निकाय कर्मचारी की मृत्यु होती है तो सरकार उसके परिवार को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देगी। संगठनों ने मांग की कि सफाई कर्मचारी फ्रंट कोरोना वाॅरियर्स के रूप में महामारी से लड रहे हैं। इनको पीपीई किट उपलब्ध करवाए जाए व सेनेटाइजेशन व मास्क के लिए दी जा रही सहायता राशि को बढ़ाया जाए।

2. ड्राफ्ट तैयार: पर्यटन नीति इस महीने के अंत तक होगी जारी
सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान पर्यटन का महत्वपूर्ण केन्द्र है। इससे प्रदेश के लाखों लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार जल्द ही नई पर्यटन नीति लाएगी। प्रदेश में करीब 20 साल बाद लाई जा रही इस पर्यटन नीति से कोविड -19 के कारण संकट का सामना कर रहे पर्यटन क्षेत्र को फिर पटरी पर लाने में भी मदद मिलेगी।

गहलोत बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पर्यटन विभाग की समीक्षा कर रहे थे। गहलोत ने पर्यटन विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों से भी संवाद किया और पर्यटन को गति देने के लिए उनके सुझाव भी जाने। उन्होंने कहा कि केवलादेव नेशनल पार्क में पानी की समस्या दूर करने के लिए स्थायी हल निकाला जाए।

गहलोत ने कहा कि पर्यटन स्थलों पर लपकों की समस्या के कारण सैलानियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है और ठगी की शिकायतें भी सामने आती हैं।

मेलों-उत्सवों की ब्रांडिंग की जाए
गहलोत ने कहा कि मेले एवं उत्सव हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। ज्यादा से ज्यादा देशी एवं विदेशी पर्यटक इनसे जुड़ सकें इसके लिए इन्हें नया रूप दिया जाए। पुष्कर मेलाए डेजर्ट फेस्टिवलए कुंभलगढ़, बूंदी उत्सव सहित अन्य मेलों एवं उत्सवों की नए सिरे से ब्रांडिंग की जाए। इनमें नई सोच के साथ ऐसी गतिविधियाें को शामिल करें जिनसे पर्यटक आकर्षित हों।



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अशोक गहलोत (फाइल फोटो)


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