राज्य के आठ जिलों के 33 स्कूलों को क्रमोन्नत किया गया है। इस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए अब दूसरे स्कूल में नहीं जाना होगा। इसी शिक्षा सत्र से राज्य के 14 स्कूलों को 10वीं से 12वी और 19 स्कूलों को 8वीं से 10वीं में क्रमोन्नत कर दिया गया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सौरभ स्वामी ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
क्रमोन्नत स्कूल शिक्षा सत्र 2020-21 से शुरू किए जाएंगे। सुविधानुसार उच्च माध्यमिक स्कूलों में 11वी व 12वीं तथा माध्यमिक स्कूलों में 9वी व 10वी कक्षा एक साथ शुरू की जा सकेगी। उच्च माध्यमिक स्तर के सभी क्रमोन्नत स्कूलों में कला संकाय स्वीकृत किया गया है। कला संकाय के तहत ऐच्छिक विषयों का निर्धारण विद्यार्थियों की आवश्यकता एवं रूचि के आधार पर किया जाएगा।
इसके लिए संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक को निर्देश दिए गए हैं कि वे क्रमोन्नत स्कूलों से कला संकाय के अंतर्गत तीन ऐच्छिक विषयो का निर्धारण करवा कर प्रस्ताव माध्यमिक शिक्षा निदेशालय भेजें। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने क्रमोन्नति आदेश जारी करने से पूर्व विद्यालय का नाम, ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला, यू-डाइस कोड आदि की जांच करने के आदेश भी समस्त जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक को दिए हैं।
ऐच्छिक विषयों के ही व्याख्याता देंगे
स्टाफिंग पैटर्न के मुताबिक नव क्रमोन्नत उच्च माध्यमिक स्कूलों में प्रथम वर्ष में केवल ऐच्छिक विषयों के व्याख्याता ही दिए जाएंगे। अनिवार्य विषय हिंदी-अंग्रेजी के शिक्षण के लिए व्याख्याता के स्थान पर वरिष्ठ अध्यापक मिलेंगे।
क्रमोन्नत 33 स्कूलों में से 14 सीकर के
क्रमोन्नत किए गए 33 स्कूलों में से 14 शिक्षा मंत्री के गृह जिले सीकर के हैं। सीकर के 5 स्कूलों को 10 वीं से 12वीं और 9 को 8वीं से 10वीं में क्रमोन्नत किया गया है। इसके अलावा चूरू के तीन, झुंझुनूं चार, डूंगरपुर छह, हनुमानगढ़ तीन, बाड़मेर, गंगानगर व नागौर का एक-एक स्कूल क्रमोन्नत किया गया है।
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