राजस्थान के सियासी संग्राम में 27वें दिन विश्राम... हर दल-हर नेता के मुख में आराेप-प्रत्याराेप की जगह राम नाम
शब्दबाणाें की जगह मंत्र-भजन-जप चले। बाड़ों की जगह पांडाल, होटल की जगह मंदिर
कोई सियासी बयान नहीं। सिर्फ रामायण की चौपाइयां, श्रीराम के श्लोक और जयघोष। दीपावली और आतिशबाजी। अयाेध्या में राम मंदिर के नींव पूजन में सियासी महाभारत को रामायण में बदल दिया।
मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष समेत कई कांग्रेसी नेताओं के ट्वीट में राम
परिवहन एवं सैनिक कल्याण मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने अपने सरकारी निवास पर रामायण पाठ का आयोजन किया। खाचरियावास के साथ उनकी पत्नी, बेटे और परिजनों सहित कई करीबी लोग इस इसमें शामिल हुए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण का कार्य किसी पार्टी विशेष या प्रतिनिधि विशेष द्वारा नहीं बल्कि स्वयं भगवान राम की मर्जी से हो रहा है।
रामनाम वरानने... राम मंदिर निर्माण की सभी को बधाई
^श्री राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने ॥
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के भूमिपूजन के पावन अवसर पर सभी देशवासियो को बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं | -सीपी जोशी, विधानसभा अध्यक्ष
भव्य मंदिर देशवासियों के सौहार्द्र, भाईचारे और एकता का प्रतीक
^ मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के मंदिर भूमिपूजन के पावन अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। कामना करते हैं कि भगवान श्री राम का भव्य मंदिर देशवासियों के सौहार्द्र, भाईचारे एवं एकता का प्रतीक बनेगा। -महेश जोशी, मुख्य सचेतक
राम क्यों याद आए
दरअसल भाजपा ने राम मंदिर के शिलान्यास को अपनी सियासी जीत के रूप में भी प्रचारित किया है। कांग्रेस को मंदिर निर्माण विरोध बताते हुए सोशल मीडिया पर इसका जबरदस्त प्रचार किया जा रहा है। ऐसे में कांग्रेस यह नहीं चाहती कि इस मुद्दे को लेकर उसे और ज्यादा सियासी खामियाजा उठाना पड़े।
सत्य, न्याय, समानता का श्री राम का जीवन चरित्र जीवन में उतारें
भगवान राम का यह मंदिर देश में भाईचारे का प्रतीक बने। भारतीय संस्कृति में भगवान राम का विशेष स्थान है। राम का जीवन हमें सत्य, न्याय, समानता और भाईचारा सिखाता है। भगवान राम की इन सीखों को हमें अपने समाज में लागू करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर सबको बधाई दी।
अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन के लिए जितना उत्साह भाजपा में उतना ही कांग्रेस में पिछले 26 दिन से नेताओं की अमर्यादित भाषा-बोली-व्यवहार को अयोध्या के राम मंदिर नींव पूजन ने मर्यादा की सीमाओं में ला दिया। भाजपा मुख्यालय में दिवाली मनाई गई तो कांग्रेस नेताओं ने भी रामायण के पाठ किए।
राम मंदिर भूमि पूजन से मैं अभिभूत हूं -राज्यपाल
राज्यपाल ने कलराज मिश्र बुधवार शाम को राजभवन में अपने परिजनों के साथ सुंदरकाण्ड का पाठ किया। साथ ही 101 दीप प्रज्जवलित कर भगवान राम से देश व प्रदेश की खुशहाली की कामना की। राज्यपाल ने कहा- मैं बहुत खुश हूं। हम मंदिर निर्माण के लिए प्रतिबद्ध थे। श्रीराम का भव्य मंदिर बने, ऐसी हमने कल्पना की थी। हमारी कल्पना साकार हो रही है। यह मंदिर सांस्कृतिक एकता, राष्ट्रीय एकता और वसुधैव कुटुम्बकम के प्रतीक के रूप में स्थापित होगा। राम मंदिर आन्दोलन से जुड़े संतो, नागरिकों का अभिनन्दन। प्रधानमंत्री को बधाई व धन्यवाद।
मैं सौभाग्यशाली, मंदिर निर्माण का संघर्ष देखा, कारसेवा की
मैं उन सौभाग्यशाली लोगों में से हूं, जिन्होंने आजादी का आंदोलन तो नहीं देखा, लेकिन श्रीराम मंदिर निर्माण का संघर्षपूर्ण आंदोलन देखा। मुझे दोनों बार कारसेवा का अवसर मिला। मोदी-योगी की जोड़ी ने न्यायालय के निर्णय को शिरोधार्य रखते पराक्रम-परिश्रम किया है, वह अभिनंदनीय है। -सतीश पूनिया, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष
हम कारसेवा में गए थे, 500 साल का संघर्ष रहा, सोचा नहीं था कि हमारे जीते जी ये शुभ दिन होगा
^ श्रीराम के मन्दिर के निर्माण के लिए 500 वर्षों का संघर्ष है। कार सेवा में हम जरूर गए थे और सबकुछ देखा था। यह विश्वास नहीं था कि इन आंखों से राम मन्दिर को बनता देख पाएंगे या नहीं? अब मंदिर का भूमिपूजन देखा है, भगवान ने जिंदा रखा तो मंदिर दर्शन भी करेंगे। दुनिया में उदाहरण पेश किया है कि भारत के न्यायालय का फैसला सभी पक्ष सहर्ष स्वीकार करते हैं। -गुलाबचन्द कटारिया, नेता प्रतिपक्ष
यह सिर्फ राम मंदिर का नहीं, बल्कि नए भारत-नए युग का शिलान्यास है
विश्वास है यह भूमि पूजन, शिलान्यास ना केवल मंदिर निर्माण का है, बल्कि नए भारत-नए युग का भी है। एक ऐसा भारत जहां सामाजिक सदभाव का बोलबाला हो, विकास की गंगा बहे और हर व्यक्ति तक न्याय पहुंचे। जय श्री राम। राजमाता विजयाराजे राम जन्मभूमि आंदोलन का हिस्सा रहीं। राजमाता की बेटी होने के नाते प्रसन्न हूं कि मां का सपना साकार हो रहा है। -वसुंधरा राजे, पूर्व मुख्यमंत्री राजस्थान
रामभक्तों के लिए गौरव का क्षण, विश्व शक्ति भारत की ओर कदम
श्रीराम मंदिर निर्माण के भूमिपूजन के कार्यक्रम को भाजपा मुख्यालय में बड़ी स्क्रीन पर दिखाया गया। भाजपा नेताओं ने श्रीराम के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन किया। भजनों का कार्यक्रम हुआ। रंगोली सजाई, दीप जलाए। श्रीराम के जयघोष के साथ आतिशबाजी की। मिठाई बांटी गई। नेताओं ने उत्साह के साथ कहा- भाजपा ने वचन निभाया। विश्व शक्ति की ओर बढ़ते भारत का बड़ा कदम है।
उन हजारों लोगों को नमन जिन्होंने राम मंदिर का सपना संयोजा था, लंबे संघर्ष के बाद सच हो गया
^ आज पूरे विश्व में भगवान राम को मानने वाले उनके अनुयायी एवं भक्त उल्लासित हैं। श्रीराम के भव्य मन्दिर निर्माण का श्रीगणेश हुआ। उन हजारों लोगों को नमन, जिन्होंने सपना मन में संजोया था। श्रीराम हमारी संस्कृति के प्रतीक हैं। हमारी सामाजिक मान्यताओं, परम्पराओं में श्रीराम द्वारा स्थापित मर्यादाएं आत्मसात हैं। यह मन्दिर नए इतिहास की रचना करेगा। -राजेन्द्र राठौड़, उपनेता प्रतिपक्ष
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