(लता खंडेलवाल ) सितंबर में राहु और केतु अपनी चाल बदलेंगे। इन दोनों ग्रहों के गोचर से राशि जातकों के साथ ही राज और प्रशासन पर असर देखने को मिलेगा। मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक राशि वालों के लिए लाभदायी रहेगा। वहीं अन्य राशियों के लिए प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
राहु ग्रह 23 सितंबर को मिथुन राशि से वृष राशि में गोचर करेगा। यहां 12 अप्रैल 2022 तक स्थित रहेगा। ज्योतिषाचार्य प. रामवतार मिश्र ने बताया कि राहु का यह राशि परिवर्तन इस साल की सबसे बड़ी ज्योतिषीय घटनाओं में से एक होगी। इसी प्रकार, केतु का गोचर 23 सितंबर को ही सुबह 7:38 बजे धनु राशि से वृश्चिक राशि में होगा। यहां 12 अप्रैल 2022 सुबह 8:44 बजे तक रहेगा। इसका कई राशियों पर शुभ और अशुभ दोनों तरह का प्रभाव पड़ेगा। इसे मंगल का छाया ग्रह माना जाता है।
राहु के राशि परिवर्तन से कोरोना का असर कम होने की संभावना
ज्योतिषशास्त्री अनीष व्यास ने बताया कि राहु के राशि परिवर्तन से कोरोना का असर न्यूनतम स्थिति में आने की संभावना है। राहु के राशि परिवर्तन से अचानक लाभ, अचानक कष्ट या नुकसान देखने को मिल सकता है। प्रदेश व देश के विकास में सहायक होगा तो सत्ता पक्ष में बेचैनी बढ़ाएगा। राहु में जहां शनि के गुण होते हैं तो केतु में मंगल के गुण है।
यह पड़ेगा राशियों पर असर
मेष: शुभ परिणामकारी रहेगा। साहस में वृद्धि होगी।
वृष: आर्थिक जीवन प्रभावित होगा। परिवार में कलह।
मिथुन: शारीरिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
कर्क: विदेश यात्रा पर जाने की संभावना बन रही है।
सिंह: शुभ रहेगा। आमदनी में इजाफा होगा।
कन्या: कार्यक्षेत्र में बाधाओं का सामना करना पड़ेगा।
तुला: राहु की दृष्टि किस्मत के सितारों को कमजोर करेगी।
वृश्चिक: उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को फायदा होगा।
धनु: व्यापार में नुकसान, लाइफ पार्टनर से मतभेद।
मकर: कर्ज में वृद्धि हो सकती है। शत्रु हावी रहेंगे।
कुंभ: संतान को परेशानियां हो सकती है। प्रेम जीवन में समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
मीन: माताजी को शारीरिक परेशानियों हो सकती है।
भविष्यवक्ता व्यास के अनुसार
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