राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा योजना के तहत बस्सी क्षेत्र में गरीबों को मिलने वाले 4320 किलो गेहूं का गबन कर आटा मील को बेचने का खुलासा हुआ है। इसमें दो डीलर्स की भूमिका सामने आई है। दरअसल, नौ महीने पुराने गबन के इस मामले में संबंधित डीएसओ ने कोई कार्रवाई नहीं की तो स्थानीय लोगों ने सीएमओ को शिकायत भेजी और इसके बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने इसकी जांच करवाई थी। जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि डीएसओ द्वितीय ने इस पर ध्यान नहीं दिया। दोषियों के खिलाफ गेहूं के गबन का मामला तक दर्ज नहीं करवाया गया।
जिले के ग्रामीण रसद विभाग के अनुसार बस्सी के टहटड़ा राशन डीलर विजय सिंह (पोस कोड 14098) व दोपुर गांव के राशन डीलर रुकमणी देवी (पोस कोड 14099) के खिलाफ जांच की गई है। दोनों के विरुद्ध नवंबर 2019 में राशन का गेहूं गबन करने की तत्कालीन डीएसओ ग्रामीण को शिकायत की थी।
इसके बाद विभाग ने प्रवर्तन निरीक्षक बस्सी के कल्याण सहाय व प्रवर्तन निरीक्षक शाहपुरा के रमेश चंद को नियुक्त कर जांच कमेटी गठित की। कमेटी को जांच के दौरान उचित मूल्य की दुकानों पर अनियमितताएं मिली। मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत के बाद जनवरी 2020 में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने कमेटी गठित की।
अमित कुमार यादव प्रवर्तन निरीक्षक कोटपूतली, रमेश चंद मीणा प्रवर्तन निरीक्षक शाहपुरा, बबीता यादव प्रवर्तन निरीक्षक आमेर और कल्याण करोल प्रवर्तन अधिकारी बस्सी ने डीलरों की दुकान की जांच की। जांच में डीलरों द्वारा ग्रामीणों को राशन का 4320 किलो गेहूं, 75 लीटर केरोसिन और 10 किलो चीनी नहीं देकर गबन करना पाया गया है। गोपालसिंह शेखावत, डीएसओ जयपुर ग्रामीण ने कहा कि मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
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