देश में सोलर एनर्जी उत्पादन में राजस्थान का अग्रणी स्थान बना हुआ है। जेएमके रिसर्च एंड एनालिटिकल संस्था की रिपोर्ट में इस साल देश के सोलर प्लांट्स में राजस्थान के सबसे ज्यादा 1745 मेगावाट केपिसिटी जुड़ी है। जबकि कर्नाटक के 1443 मेगावाट व तमिलनाडु के 1342 मेगावाट के सोलर प्लांट्स जुड़े है।
राजस्थान में सोलर पॉलिसी के एक साल में ही लगातार सोलर पार्कों में निवेश बढ़ रहा है। यहां पर 23 हजार मेगावाट तक प्लांट्स लगाने की प्लानिंग हो चुकी है। प्रदेश में अगले तीन साल में 30 हजार मेगावाट सोलर प्लांट्स का टारगेट रखा है। इसके साथ ही सोलर विकरण के कारण सोलर उत्पादन भी बेहतर हो रहा है।
राजस्थान सोलर एसोसिएशन के महासचिव सुनिल बंसल का कहना है कि सोलर एनर्जी प्लांट्स में प्रदेश सबसे तेजी से बढ़ रहा है। यहां पर 23 हजार मेगावाट क्षमता के प्लांट्स के एग्रीमेंट्स हो चुके है तथा करीब 5 हजार मेगावाट केपिसिटी के प्लांट लग चुके है। राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम (आरआरईसी) के चेयरमेन व ऊर्जा प्रमुख सचिव अजिताभ शर्मा ने बताया कि राजस्थान देश में सोलर हब बन रहा है। यहां पर सोलर पार्क के लिए बड़ा लैंड बैंक भी है।
यहां पर सोलर प्लांट्स व पार्कों में लगातार निवेश बढ़ रहा है। इसके साथ ही बिजली की टैरिफ भी कम हो रही है।
कई कंपनियां आगे आईं, स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
प्रदेश के सोलर पार्क में कई कंपनियों ने निवेश किया है तथा यहां टेक्नीशियनों की बड़ी संख्या में जरूरत है। ऐसे में मारवाड़ व आसपास के इलाके के युवा आईटीआई व पॉलोटेक्निक कर यहां पर टेक्निशयन की नौकरी ढूंढ रहे है। पहले इस क्षेत्र के युवा केवल खेती व सरकारी नौकरी पर ही निर्भर होते थे।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
टिप्पणियाँ