(पंकज यादव) प्रदेश के 16 जिलों की 38 तहसीलों में पिछले करीब एक साल से राजस्व रिकाॅर्ड में नामांतरण की कार्रवाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में जमीन हस्तांतरण से जुड़े मामलों में राजस्व रिकाॅर्ड में न तो जमीन खरीदने वाले काश्तकारों के नाम दर्ज हो पा रहे हैं न ही विरासत के आधार पर नामांतरण खुल रहा है।
इससे काश्तकार परेशान हैं और यह आने वाले समय में विवादों की वजह बनेगा। राजस्व मंडल इस संबंध में राजस्व विभाग को चेता चुका है लेकिन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। हालांकि भास्कर की ओर से इस बाबत सवाल करने के बाद विभाग ने कहा कि जहां ऑनलाइन में दिक्कत आ रही हैं वहां ऑफलाइन नामांतरण प्रक्रिया जारी रखी जाए।
देशभर में डिजिटल इंडिया लैंड रिकार्ड माॅर्डनाइजेशन प्रोग्राम (डीआईएलआरएमपी) के तहत कृषि भूमि का रिकार्ड डिजीटल और ऑनलाइन करने सहित तहसील कार्यालयों को कम्प्यूटरीकृत किए जाने का प्रोजेक्ट 2008 में शुरू हुआ था जो अब तक चल रहा है। इसी क्रम में राजस्थान में चल रहे डीआईएलआरएमपी के लिए नोडल एजेंसी राजस्व मंडल को बनाया हुआ है।
मंडल की देखरेख में राजस्व रिकाॅर्ड को ऑनलाइन करने के साथ ही राजस्व नक्शों को डिजिटल करने का काम चल रहा है। प्रदेश की 329 तहसीलों में से 223 में काम पूरा हो गया है लेकिन अब भी संसाधनों के अभाव में काश्तकारों को पूरी तरह सुविधा नहीं मिल रही है।
सबसे ज्यादा खराब स्थिति 16 जिलों के उन 38 तहसीलों की हैं जहां राजस्व रिकाॅर्ड को ऑनलाइन करने का काम हुआ ही नहीं और ऑफलाइन काम भी बंद कर दिया गया है। इससे काश्तकारों राजस्व रिकार्ड लेने में तो परेशानी हो रही है लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह खड़ी हो गई है कि किसी काश्तकार ने अगर जमीन खरीदी है या कोई विरासत के आधार पर जमीन को राजस्व रिकाॅर्ड में अपने नाम करवाना चाहता है तो यह काम नहीं हो पा रहा है।
शुरू किए जाएंगे ऑफलाइन नामांतरण
^राजस्व मंडल प्रशासन की ओर से नामांतरण कार्रवाई की समस्या से अवगत करवाया गया है। इसको ध्यान में रखते हुए यह निर्देश दिए है कि जहां ऑनलाइन में दिक्कत आ रही है वहां अभी ऑफलाइन नामांतरण किए जाएं और जल्द से जल्द ऑनलाइन व्यवस्था दुरूस्त करें।
-आनंद कुमार, प्रमुख शासन सचिव, राजस्व विभाग
राजस्व मंडल ने राजस्व विभाग को करवाया अवगत
राजस्व मंडल के निबंधक की ओर से 8 जुलाई को राजस्व विभाग के संयुक्त शासन सचिव राजस्व ग्रुप 1 को पत्र भेजकर 38 तहसीलों में ऑफलाइन नामांतरण की कार्रवाई शुरू कराने का आग्रह किया था। मंडल की ओर से भेजे गए पत्र में साफ कहा गया था कि ऑनलाइन नामांतरण शुरू नहीं हुए हैं और रिसोर्स पर्सन से मिली जानकारी के अनुसार ऑफलाइन नामांतरण भी नहीं हो पा रहे हैं। इससे आम काश्तकारों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मंडल ने राजस्व विभाग से आग्रह किया संबंधित जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए जाएं कि नामांतरण की कार्रवाई शुरू करें।
यहां तक कि कलेक्टरों को भेजे जाने वाले पत्र का प्रारूप भी मंडल प्रशासन ने तैयार कर विभाग को भिजवा दिया था। लेकिन इसके एक माह बीत जाने के बाद भी अब तक नामांतरण शुरू नहीं हो पाए। राजस्व मंडल के अतिरिक्त रजिस्ट्रार आशुतोष गुप्ता ने शुक्रवार को जयपुर में राजस्व विभाग के आला अधिकारियों को इस समस्या से अवगत करवाया। राजस्व विभाग के प्रमुख शासन सचिव आनंद कुमार ने कहा कि जहां ऑनलाइन नामांतरण नहीं हो पा रहा है वहां ऑफलाइन ही किया जाए।
इन तहसीलों में अटके हुए हैं नामांतरण
चितलवाना, आंबापुरा, सज्जनगढ़, बासंवाड़ा, बाडी, सवाई माधोपुर, बौंली, मलारणा डूंगर, बानसूर, तिजारा, मुंडावर, किशनगंज, रावतभाटा, निम्बाहेड़ा, हिंडौली, नैनवा, खाजुवाला, खींवसर, भीलवाड़ा, बनेड़ा, मांडल, करेडा, रायपुर, मांडलगढ़, बिजौलिया, हुरडा, जहाजपुर, पिड़ावा, रायपुर, सुनेल, मनोहरथाना, अकलेरा, पीपलू, दूनी, टोंक, भोपालगढ़, किशनगंज, मंडरायल, मासलपुर।
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