15 दिन बाद भी एमटी-2 बाघिन के शावक का अता-पता नहीं, दूसरे शावक की हालात नाजुक; खुद फीड नहीं कर रहा नन्हा बाघ

(प्रवीण जैन)। मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में तीन अगस्त को मृत मिली बाघिन एमटी-2 के लापता शावक का 15 दिन दिन बाद भी पता नहीं चला है। बीती रात तक इस मामले में किसी भी तरह के सबूत तक नहीं मिले हैं। स्थिति यह है कि विभाग इस शावक के लापता होने के बाद से अभी तक किसी भी तरह की पुष्टि तक नहीं कर रहा है।

इस बाघिन को आठ हजार हैक्टेयर में बने एनक्लोजर में रखा गया था। बाघ एमटी 1 के साथ संघर्ष के दौरान बाघिन की मौत हो गई थी। रिजर्व एरिया में 100 कैमरा ट्रैप लगे हैं लेकिन स्थिति क्लियर नहीं है। रिजर्व के अधिकारियों का कहना है कि तलाश चल रही है लेकिन, अभी नहीं मिला हैं।

एमटी-4 बाघिन के शावक का भी अभी तक पता नहीं चला
वहीं, दूसरी ओर एमटी-4 बाघिन के 22 मई को मुंह में दबाकर ले जाते हुए शावक की कैमरा ट्रेप में फोटो आने के बाद अभी तक उसके शावक का भी सुराग नहीं लगा हैं। ऐसे में मुकंदरा में दोनों बाघिनों के शावक को लेकर विभाग स्थिति स्पष्ट नहीं कर पा रहा है कि ये जिंदा हैं या इनकी मौत हो चुकी है।

एमटी-4 बाघिन के शावक का भी अभी तक पता नहीं चला।
एमटी-4 बाघिन के शावक का भी अभी तक पता नहीं चला।

जबकि रिजर्व की ओर से एनक्लोजर और बाहर वाले एरिया में 100 से अधिक कैमरा ट्रेप लगाए जा चुके हैं। इसके बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। वहीं, दूसरी और मृत एमटी-2 बाघिन के शावक का जू में इलाज जारी है। विभाग की ओर से जारी बुलेटिन में बताया कि शावक की हालत स्थिर बताई जा रही हैं। वही, इसकी केयरिंग में स्टाफ और मेडिकल टीम लगी है।

शावक का एसी आईसीयू में इलाज जारी

शावक का तीन डाक्टरों की टीम की देखरेख में इलाज जारी है। मेडिकल टीम में डा. राजीव गर्ग, तेजेंद्र सिंह रियाड़, अखिलेश पांडे शामिल हैं। जू में शावक के इलाज के लिए एसी आईसीयू बनाया हुआ हैं। टीम के अनुसार शावक की लीवर, किडनी की जांच करवाई थी। जांच में प्रोटीन की कमी सामने आई है। इसके लिए ट्रीटमेंट भी कर दिया है।

बाघन अपने दो शावकों के साथ नजर आई थी।
बाघिन अपने दो शावकों के साथ नजर आई थी।

खुद फीड नहीं कर रहा शावक

अब इसके खुद फीडिंग नहीं करने से चिंता बनी है। जोधपुर से मंगवाया गया फूड सप्लीमेंट भी शावक को दिया जा रहा है। साथ ही सीसीटीवी से निगरानी रखी जा रही है। हालांकि उसे मीट के टुकड़े भी दिए जा रहे हैं जिसे वह खाने का प्रयास कर रहा है।

इनसाइड स्टोरी: टीम पर अधिकारियों ने विश्वास करना छोड़ा, अब अधिकारी खुद जांच कर रहे

सत्रों के अनुसार नए अधिकारियों ने ट्रेकिंग और मॉनिटरिंग टीम के कैमरा ट्रेप में वन्यजीवों को देखने के अधिकार को बंद कर दिए हैं। कैमरा ट्रेप में कार्ड निकालने के बाद ट्रैकर कार्ड को अधिकारियों को पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। ट्रैकर और मॉनिटरिंग सदस्य नहीं देखेगा।

ऐसे में अब यह टीम के लिए सवालिया निशान हो गया है जबकि इससे पहले कार्ड को स्वयं बीट गार्ड और मॉनिटरिंग स्टाफ और ट्रेकिंग मैंबर देख लेता था। इससे की अपनी बीट और जंगल के वन्यजीवों की स्थिति का पता लग जाता था लेकिन, अब इसे बंद कर दिया है।

मृत मिली बाघिन एमटी2
मृत मिली बाघिन एमटी2

यानी अब अधिकारियों ने अपनी ही टीम पर विश्वास करना छोड़ दिया है और अधिकारी खुद कैमरा ट्रेप के कार्ड को जांच रहे हैं। मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में मॉनिटरिंग के दौरान मॉनिटरिंग टीम को बाघ एमटी-1 के मूवमेंट के सबूत मिले हैं।

साथ ही बाघिन एमटी-4 के मूवमेंट के टीम को बारिश के कारण एवं ट्रेकिंग रूट अवरुद्ध होने के कारण कोई सबूत नहीं मिले हैं। एसीएफ एवं टीम द्वारा बाघों की की सघन ट्रेकिंग की गई हैं। बाघिन एमटी-2 के नर शावक स्थिति स्थिर बनी हुई है - बीजो जोय, डीसीएफ मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व



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कोटा। मृत मिली बाघिन एमटी-2 के शावक का इलाज किया जा रहा है। उसके शरीर में प्रोटीन की कमी पाई गई है।


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