राजसमंद झील किनारे पैराग्लाइडिंग 14 से, प्रदेश में जाेधपुर के बाद सिर्फ हमारे यहां यह राेमांच, एक हजार फीट तक उड़ सकेंगे
प्रदेश में जोधपुर के बाद भाणा ग्राम पंचायत क्षेत्र में राजसमंद झील के ओवरफ्लो पाइंट के आसपास सैलानी पहली बार पैराग्लाइडिंग के रोमांच का आनंद ले सकेंगे। 14 अगस्त से इसकी शुरुआत हो रही है। स्काई वेंचर कंपनी की ओर से वीकेंड पर शनिवार और रविवार को सुबह-शाम पैराग्लाइडिंग का आनंद लिया जा सकेगा। अभी इसका शुल्क तय किया जाना बाकी है। इसके शुरू होने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
राजसमंद एसडीएम सुशील कुमार ने बताया कि प्रदेश में जोधपुर के बाद राजसमंद में ही पैराग्लाइडिंग शुरू किया जा रहा है, जो सैलानियों के नया आकर्षण रहेगा। इसमें कंपनी के प्रशिक्षित पायलट ही पैराग्लाइडर को ऑपरेट करते हैं, जबकि पैराग्लाइडर एक सोफे नुमा सीट पर रोमांचकारी सफर का आनंद ले सकेगा। गत दिनों पैराग्लाइडिंग का ट्रायल किया गया था, जो कि सफल रहा। शुरुआत में यह वीकेंड पर ही शनिवार और रविवार को सुबह-शाम शुरू किया जाएगा।
इधर कलेक्टर सभागार में गुरुवार काे एसडीएम सुशील कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों से चर्चा कर सुझाव लिए। बैठक के बाद एसडीएम, उपनिदेशक पर्यटन सहित अन्य ने नौ चौकी और महाराणा राजसिंह पेनोरमा का अवलोकन किया।
बैठक में नगर परिषद आयुक्त जनार्दन शर्मा, पैराग्लाइडिंग संचालक समर्थ शर्मा, द्वारकाधीश मंदिर से भगवतीलाल एवं विनीत सनाढ्य, भाणा सरपंच नोकलाल, मेवाड़ क्लब के कैलाश चौधरी, राज ट्यूर के फारुख कुरैशी, अरावली सफारी के मुकेश टिक्कू, कुंभलगढ़ होटल एसोसिएशन के कुबेर सिंह सोलंकी, ट्रेवल प्लान के दशराज जोधा, राजस्थान रूट्स ट्रेवल्स के लवकुश जवारिया, राजस्थान होलीडे के अरुण कुमार, ग्रांड मस्ती नंदन प्रतिनिधि तरुण पाटिल, महाराणा राजसिंह पेनोरमा के नारायण, होटल एण्ड गेस्ट हाउस एसोसिएशन राजसमंद अध्यक्ष प्रकाश पगारिया माैजूद थे।
झील के ऊपर करीब एक हजार फीट तक उड़ने का रहेगा रोमांच
पैराग्लाइडिंग संचालक समर्थ शर्मा का कहना है कि राजसमंद झील किनारे भाणा ग्राम पंचायत क्षेत्र में झील किनारे इसकी शुरुआत की जा रही है। इसे विंच पैराग्लाइडिंग कहा जाता है। इसके तहत एक जीप से पैराग्लाइडर को बांध कर करीब एक किमी तक जीप चलाने के साथ ही पैराग्लाइडर आसमान में ऊंचा उठता रहता है। इसमें सवारी करने वाले के अलावा एक प्रशिक्षित पायलट रहेगा, जो उसे कंट्रोल करता है। आसमान में पैराग्लाइडर अधिकतम एक हजार से 800 फीट तक जा सकेगा। पैराग्लाइडर से आसमान में उड़ने तक 25 मिनट का समय रहेगा। शुरुआत में एक ही पैराग्लाइडर की सुविधा रहेगी।
पैराग्लाइडिंग के बाद वाटर स्पोर्ट्स की होगी शुरुआत
पैराग्लाइडिंग की शुरुआत के बाद पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राजसमंद झील में वाटर स्पोर्ट्स की शुरुआत की जाएगी। इसके लिए पहले पैराग्लाइडिंग की तरह ही वाटर स्पोर्ट्स के लिए भी ट्रायल की जाएगी। ट्रायल सक्सेस होने के बाद वाटर स्पोर्ट्स भी शुरू कर दिया जाएगा। वाटर स्पोर्ट्स का भी प्रदेश में सैलानियों के लिए कहीं पर भी सुविधा नहीं है। ऐतिहासिक राजसमंद झील इसके लिए सबसे अच्छा और उपर्युक्त जलाशय है।
पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र
पर्यटन विभाग की उपनिदेशक शिखा सक्सेना ने बताया कि यहां पैराग्लाइडिंग सैलानियों के लिए नया आकर्षण का केंद्र होगा। उदयपुर, कुंभलगढ़ और राजसमंद में ट्यूरिस्ट का सर्किट बनाने का प्रयास कर रहे हैं। वर्तमान में उदयपुर आने वाले अधिकतर सैलानी उदयपुर से कुंभलगढ़ दुर्ग घूमकर वापस लौट जाते हैं। राजसमंद में ठहरते नहीं हैं। इस नए प्रयास से पर्यटकों को राजसमंद में ठहराव का प्रयास किया जा रहा है।
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