12 दिन में ही 162 पाॅजिटिव, संक्रमण की दर 3.21 प्रतिशत पहुंची, जुलाई में 0.73 थी

जिले में कोरोना संक्रमितों का बढ़ता आंकड़ा अब डराने लगा है। अगस्त के 12 दिन में 162 मरीज मिल चुके हैं। यानी प्रतिदिन औसतन 13.5 मरीज, जबकि अगस्त के 19 दिन शेष हैं। 31 जुलाई को पॉजिटिविटी दर 0.73 से बढ़कर 3.21 तक पहुुंच गई है।

चिंता का विषय यह है कि नए मरीज हर रोज मिल रहे हैं लेकिन स्वस्थ होकर डिस्चार्ज होने वालों की संख्या लगातार घट रही है। रिकवरी रेट 11.17 पर आ गई है। गंभीर मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। सबसे ज्यादा सागवाड़ा क्षेत्र से मरीज आ रहे हैं।

यहां का कराड़ा पाड़वा और पुनर्वास कॉलोनी हॉटस्पॉट बना हुआ है। सागवाड़ा की पुनर्वास कॉलोनी से अब तक 22 और कराड़ा पाड़वा से 23 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। जिले में यह दोनों स्थान कोरोना हॉटस्पॉट बन चुके है। लगातार निकल रहे मरीजों को देखते हुए चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड़ पर आ गया है।

दोनों स्थानों पर मेडिकल टीम ने कैंपिंग शुरू कर लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं। पुनर्वास कॉलोनी के 225 घरों में करीब 800 लोग निवास करते हैं वहीं कराड़ा पाड़वा गांव में करीब 450 घरों में 2500 लोग रहते हैं। सागवाड़ा बीसीएमओ डॉ. पंकज खांट ने बताया कि दोनों स्थानों पर मरीजों की संख्या को देखते हुए मेडिकल टीमें कैंपिंग कर रही है।

कराड़ा पाड़वा गांव में संक्रमण के स्त्रोत का पता चल गया है। यहां 40 लोगों का समूह जो अहमदाबाद से लौटकर आया था, वही संक्रमण की मुख्य जड़ है। लेकिन पुनर्वास कॉलोनी में स्त्रोत अभी तक अज्ञात है। स्त्रोत न
मिलना बड़ी चिंता का विषय है।

वृद्ध की मौत, 15 मरीज मिले


कोरोना संक्रमण से जिले में बुधवार को एक और मौत हो गई है। जिले में यह 8वीं मौत है। मंगलवार रात को सागवाड़ा के बोहरावाड़ी निवासी 72 वर्षीय वृद्ध की मौत हुई है। वृद्ध की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे पहले सागवाड़ा के ही एक प्राइवेट अस्पताल में दाखिल कराया था, यहां निमोनिया की शिकायत मिलने पर सोमवार रात को डूंगरपुर रैफर किया था।

मंगलवार को यहां उसका कोविड सैंपल लिया तथा रात को उसने दम तोड़ दिया। बुधवार सुबह रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं दूसरी ओर बुधवार को 15 नए कोरोना संक्रमित मरीज और मिले हैं। अब जिले में संक्रमितों का आंकड़ा 759 पहुंच गया है।

सागवाड़ा उप जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. राजाराम मीणा ने बताया कि वृद्ध की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं हैं। वृद्ध को शुगर, हाइपरटेंशन और किडनी की पुरानी बीमारी भी थी। मीणा ने बताया कि वृद्ध को अगर सागवाड़ा के उप जिला अस्पताल में लेकर आते तो समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच सकती थी।


पुलिस का जवान, शहर के एनजीओ की दो महिलाएं, एक होटल संचालक संक्रमितों में शामिल

संक्रमितों में शामिल पुलिस लाइन के जवान ने बताया कि रक्षाबंधन मनाने के लिए वह जोधपुर गया था। वापस आते समय रास्ते में बस से सफर के दौरान वह संक्रमित हुआ है। समाजसेवा से जुड़ी शहर की एक बड़ी एनजीओ की दो घाटी निवासी महिला सदस्य ने बताया कि कोरोना काल में बेसहारा लोगों को सहायता करने का काम हो रहा है। ऐसे में वह दोनों किसी संक्रमित के संपर्क में आ गए। शहर के आरएनटी कॉलोनी निवासी शख्स ने बताया कि न्यू बस स्टैंड के सामने उसका होटल है। होटल में ग्राहकों का आना-जाना रहता है।



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