राजस्थान में अब दुकान और शोरूम के आगे रोड की चौड़ाई जितने गहरे तहखाने बना सकेंगे, 10 जगहों को माना बड़ा शहर

प्रदेश में बुधवार को राजस्थान अर्बन एरिया बिल्डिंग रेगुलेशन 2020 जारी किया गया। ये भवन निर्माण से लेकर पार्किंग, ऊंचाई व सैट बैक आदि की लिमिट तय करेंगे। ये माउंट आबू व जैसलमेर को छोड़कर सभी शहरों पर लागू होंगे। नए बायलाॅज में 30 फीट से अधिक चौड़ी सड़कों पर कॉमर्शियल या मिश्रित उपयोग की अनुमति पर भूखंड के सामने की सड़क की चौड़ाई के बराबर गहराई तक तहखाना खोदने और उसके भी काॅमर्शियल या मिश्रित उपयोग की अनुमति मिल सकेगी।

इसी तरह यदि आसपास के भूखंडों पर शून्य सैट बैक पर निर्माण हो तो नए भवन में शत प्रतिशत भूखंड पर बिना सैट बैक छोड़े मकान बनाया जा सकेगा। इसके अलावा 30 फीट तक सड़क पर भूतल के ऊपर 2 मंजिल व 40 फीट चौड़ी सड़क पर भूतल के ऊपर 3 मंजिल तक निर्माण कर सकेंगे।

750 वर्ग मीटर तक के भूखंडों पर अधिकतम 18 मीटर यानी 60 फीट तक निर्माण कर सकेंगे। इससे बड़े भूखंडों पर ऊंचाई सड़क की चौड़ाई के डेढ़ गुना तक पहले की तरह होगी। नए नियमों में संभागीय मुख्यालयों के साथ अलवर, ग्रेटर भिवाड़ी, शाहजहांपुर-नीमराणा और बहरोड़ नगरीय समूह को बड़े शहरों की श्रेणी में माना है। अब कुल 10 स्थान बड़े शहर बन गए हैं।

111 वर्ग गज तक घर में कार पार्किंग जरूरी नहीं

  • 90 वर्गमी. (111 वर्ग गज) तक के भूखंड पर स्कूटर पार्किंग का स्पेस छोड़ना अनिवार्य होगा। कार पार्किंग की जरूरत नहीं रहेगी।
  • 90 वर्ग मी. से बड़े और 225 वर्ग मीटर तक के भूखंड पर एक कार पार्किंग देना जरूरी होगा।
  • 225 वर्ग मी. से बड़े भूखंडों पर कुल तय पार्किंग स्पेस का 75% कार के लिए और 25% दुपहिया वाहनों के लिए छोड़ना होगा।
  • स्वतंत्र आवास के भूखंडों में एक के पीछे एक कार पार्किंग की अनुमित मिल सकेगी।


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प्रतीकात्मक फोटो।


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