घटिया हेलमेट बेचने पर बांट-माप इंस्पेक्टर कर सकेंगे कार्रवाई, पहनने वाले को देना हाेगा 1 हजार का जुर्माना
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से हेलमेट काे भारतीय मानक ब्यूराे की अनिवार्य सूची में शामिल कर लिया है। सूची में शामिल हाेने के बाद अब घटिया हेलमेटाें पर राेक लगेगी। हेलमेट निर्माता कंपनियां अब सब स्टैंडर्ड के हेलमेट का निर्माण नहीं कर सकेंगे।
वे एक्चुअल स्टैंडर्ड के हेलमेट का ही निर्माण कर सकेंगे। अभी तक घटिया हेलमेट के खिलाफ कार्रवाई का किसी काे अधिकार नहीं था, अब अनिवार्य सूची में शामिल हाेने के बाद घटिया हेलमेट के खिलाफ बांट माप विभाग के इंस्पेक्टर कार्रवाई कर सकेंगे। थड़ी-ठेलाे और फुटपाथ पर इसे नहीं बेच सकेंगे। बेचने के लिए वाहन डीलर्स की तरह परिवहन विभाग से लाइसेंस लेना अनिवार्य हाेगा।
नए आने वाला हेलमेट लाइटवेट का हाेगा। यानी 1 किलाे 200 ग्राम से ज्यादा वजन का नहीं हाेगा। एयर वेंटीलेटर हाेना अनिवार्य हैं। इस संबंध में केंद्रीय सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 30 जुलाई काे अधिसूचना जारी की है। यह अधिसूचना एक मार्च 2021 से लागू हाेगी। इससे पहले हेलमेट निर्माता कंपनियां काे स्टैंडर्ड के हिसाब से सेटअप लगाना हाेगा।
निर्धारित मानक के तहत हेलमेट नहीं होने पर निर्माता पर जुर्माना
इतना ही नहीं सूची में शामिल हाेने के बाद घटिया हेलमेट (स्टैंडर्ड का नहीं हाेने पर) पहनने वालाें काे बिना हेलमेट की श्रेणी में माना जाएगा। माेटर व्हीकल एक्ट के तहत 1 हजार रुपए जुर्माना वसूला जाएगा। वहीं निर्धारित मानक के तहत हेलमेट नहीं हाेने पर निर्माता और बेचने वाले पर 2 लाख रुपए तक का जुर्माना और 6 माह की सजा का प्रावधान हैं।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
टिप्पणियाँ