राजनीतिक गहमागहमी के बीच जिले के तीनों कांग्रेसी विधायक तो गहलोत पाले में पहुंच गए लेकिन श्री डूंगरगढ़ के सीपीएम विधायक गिरधारी महिया का रविवार दोपहर से फोन से दूर होना भी जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। उनका मोबाइल रविवार को उनके ऑफिस इंचार्ज के पास दोपहर में पहुंचा। तब से महिया से कोई भी संपर्क नहीं कर पा रहा है।
हालांकि सीपीएम के राज्य सचिव कॉमरेड अमराराम का कहना है कि महिया अपने घर हैं। लेकिन बीती रात महिया ना तो अपने घर पहुंचे और ना ही कल से ऑफिस। ऑफिस में बताया जा रहा है कि वे क्षेत्र के भ्रमण पर हैं लेकिन क्षेत्र के भी किसी गांव से उनके दौरे की खबर नहीं आ रही है। ऐसे में महिया को लेकर भी सियासी सरगर्मी तेज हो रही है।
पार्टी सूत्र का कहना है कि वह बीकानेर में है और कुछ कारणों से फोन से दूर हैं। हालांकि रविवार सोमवार को सीपीएम ने एक प्रेस नोट जारी कर प्रदेश में उथल-पुथल के लिए सीधे तौर पर भाजपा पर वार किया और कहा कि केंद्र सरकार राज्यों के साथ इसी तरह व्यवहार करती है।
जिन राज्यों में उनकी सरकारें नहीं है वहां तोड़फोड़ की राजनीति कर सत्ता हथियाना चाहती है। इससे यह तो स्पष्ट है कि अगर संकट आया तो सीपीएम कांग्रेस के साथ जा सकती है लेकिन सीपीएम ने प्रेस नोट में अपना रुख स्पष्ट नहीं किया। हां, भाजपा पर आरोपों की बौछार जरूर की। मैया के पीएसओ से भी बात करने की कोशिश की लेकिन बाद में वह फोन भी नहीं लगा।
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