पेट-दर्द, पेट फूलना और आंतों से खून के रिसाव पर पहुंचे अस्पताल, जांच में कोरोना

खांसी-जुकाम और बुखार ही नहीं बल्कि बुखार के साथ पेट-दर्द, पेट का फूलना, उल्टी-दस्त और आंतो से खून का रिसाव होने पर कोरोना वायरस मिला है। ऐसे में पेट-दर्द भी खतरे की घंटी हो सकता है। डॉक्टर भी इस बात से हैरान है कि मरीज के पेट-दर्द, पेट फूलना, भूख कम लगना और उल्टी-दस्त की शिकायत को लेकर अस्पताल में भर्ती होने पर जांच में कोरोना मिला।

एसएमएस अस्पताल के गेस्ट्रोएंट्रोलोजी विभाग के अध्यक्ष डॉ.एस.एस.शर्मा व असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.सुधीर महर्षि का कहना है कि गेस्ट्रोएंट्रोलोजी विभाग में कोरोना संक्रमण में 10 से 15 फीसदी मरीजों में उल्टी-दस्त, पेट-दर्द, मितली, भूख कम लगना तथा आंतों में से खून बहना जैसे लक्षणों वाले आ रहे है।

लीवर की बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए और भी ज्यादा खतरा है। लीवर के मरीजों में कोरोना वायरस से ट्रांसएमिनेज एंजाइम बढ़ने से मरीजों को भूख कम, उल्टी होना की शिकायत होती है। किसी भी मरीज को बुखार के साथ पेट व लीवर में दिक्कत होने पर डॉक्टर से सलाह लें।

ऐसे फैल सकता है संक्रमण

वायरस आंतो की म्यूकोसा (आंतरिक परत) को नुकसान पहुंचाने के साथ ही मल में भी निकलता है। इसकी वजह से उपयोग में लिए गए टॉयलेट का इस्तेमाल करने से संक्रमण फैल सकता है। इससे बचने के लिए डॉक्टरों नें सार्वजनिक टॉयलेट का कम से कम उपयोग में लेने की सलाह दी है। मल में वायरस श्वांस संबंधित लक्षणों के कम होने के कारण यह समस्या ओर बढ़ जाती है।



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