पात्रता में छूट से बढ़ेगी स्टूडेंट्स की संख्या

जेईई एडवांस्ड इस वर्ष 27 सितंबर को प्रस्तावित है। आईआईटी में प्रवेश के लिए इस वर्ष 75 प्रतिशत नंबर या बाेर्ड के टाॅप 20 पर्सेंटाइल में शामिल हाेने की बजाए सिर्फ 12वीं पास ही योग्यता रखी है। ऐसे में अब जेईई एडवांस्ड में स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ने का अनुमान है।
करियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि हर वर्ष जेईई मेन के आधार पर जेईई एडवांस्ड परीक्षा के लिए योग्य घोषित हाेने के बावजूद बहुत से स्टूडेंट्स परीक्षा नहीं दे पाते हैं। इसका बड़ा कारण 12वीं में 75 प्रतिशत या टाॅप-20 पर्सेंटाइल में न आना माना जा सकता है। पिछले वर्ष जेईई मेन के आधार पर एडवांस्ड परीक्षा देने के लिए कुल क्वालिफाई किए स्टूडेंट्स में से करीब 70 से 75 प्रतिशत ही एडवांस्ड परीक्षा में शामिल हुए थे।

एडवांस्ड परीक्षा के लिए 2 लाख 45 हजार स्टूडेंट क्वालीफाई किए गए। इसमें से 1 लाख 74 हजार 432 ही एडवांस्ड के लिए रजिस्टर्ड हुए एवं 1 लाख 61 हजार 319 स्टूडेंट्स ने ही परीक्षा दी। इस वर्ष जेईई एडवांस्ड परीक्षा देने की पात्रता में रियायत देने से मेन के आधार पर क्वालिफाई होने वाले शीर्ष 2 लाख 50 हजार में से परीक्षा देने वाले स्टूडेंट्स की संख्या पिछले वर्षों के मुकाबले बढ़ने की संभावना है।
आहूजा ने बताया कि कई बार स्टूडेंट्स जेईई एडवांस्ड के लिए पात्र हाेने के बाद भी बोर्ड की पात्रता पूरी नहीं करने के कारण आईआईटी में प्रवेश से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में इनको भी राहत मिलेगी।

हालांकि जारी की गई जानकारी के अनुसार बोर्ड पात्रता में रियायत केवल आईआईटी में प्रवेश के लिए ही मान्य है। एनआईटी, ट्रिपलआईटी एवं जेएफटीआई में प्रवेश पात्रता को लेकर अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है। स्टूडेंट्स को उम्मीद है कि जेईई मेन में भी एडवांस्ड की तरह छूट मिलेगी।



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